राजनीतिक संकट के बाद बांग्लादेश अब प्राकृतिक संकट की मार झेल रहा है. देश के कई इलाकों में बाढ़ से बुरा हाल है. बाढ़ से बिगड़े हालातों से निपटने में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अभी तक नाकाम नजर आई है. बांग्लादेश ने बाढ़ आने के पीछे भारत को जिम्मेदार ठहराया है. पड़ोसी मुल्क का आरोप है कि फरक्का बैराज खोलने की वजह से देश में बाढ़ आई है. अब भारत सरकार ने भी बांग्लादेश के इन आरोपों का जवाब दे दिया है.
भारत ने बांग्लादेश की उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिनमें बाढ़ के पीछे का कारण पश्चिम बंगाल में स्थित फरक्का बैराज के खुलने को बताया गया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमने गलतफहमियां पैदा करने के लिए फर्जी वीडियो, अफवाहें और डर फैलाने वाली बातें देखी हैं.
जायसवाल ने कहा इन अफवाहों का जवाब देना जरूरी है और बताया कि पानी बढ़ने की जानकारी बांग्लादेश को पहले से दे दी गई थी और ऐसा पहले भी नियमित रूप से किया जाता रहा है.
Our response to media queries regarding Farakka barrage:https://t.co/AbHoQiYwUN pic.twitter.com/601TnH5wJC
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 26, 2024
“फरक्का सिर्फ एक बैराज है, बांध नहीं”
जायसवाल ने पड़ोसी देश में आई बाढ़ के मुद्दे पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, यह समझना चाहिए कि फरक्का सिर्फ एक बैराज है, न कि कोई बांध. जब भी पानी का स्तर तालाब के स्तर तक पहुंच जाता है, तो जो भीज्यादा पानी आता है बाहर निकल जाता है, ये सिर्फ 40 हजार क्यूसेक पानी को ही फरक्का नहर में मोड़ सकता है, ऐसा गंगा/पद्मा नदी के गेटों का इस्तेमाल करके सावधानीपूर्वक किया जाता है, इसके बाद जो भी पानी बचता है, वे मुख्य नदी में बहकर बांग्लादेश चला जाता है.
इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने साफ किया था कि साझी नदियों में बाढ़ दोनों देशों की साझा समस्या है और इसे आपसी सहयोग से हल करने की जरूरत है.
भारत पर लगे थे आरोप
बांग्लादेश में बाढ़ आने के बाद सोशल मीडिया साइट्स पर कई दावे किए जा रहे हैं. कहा गया कि भारत बांग्लादेश में आई बाढ़ का जिम्मेदार है. आरोपों वाली तस्वीरें और वीडियो बांग्लादेश के कई वेरिफाइड अकाउंट से भी शेयर की गई थीं.
विवाद को बढ़ता देख भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इन आरोपों को खारिज किया है और बाढ़ की समस्या को दोनों देशों की साझा समस्या बताया है. साथ ही इसको मिलकर हल करने पर जोर दिया ह
