भारत ने बंगाल की खाड़ी के लिए जारी किया NOTAM: 590 KM क्षेत्र में मिसाइल परीक्षण की तैयारी
नई दिल्ली: भारत ने बंगाल की खाड़ी के एक बड़े समुद्री क्षेत्र में संभावित मिसाइल परीक्षणों को लेकर एक नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है। यह अलर्ट ओडिशा तट के पास स्थित अब्दुल कलाम द्वीप (हूलर द्वीप) से सटे बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र के लिए जारी किया गया है।
जारी अधिसूचना के अनुसार, इस परीक्षण के दौरान अधिकतम 590 किलोमीटर तक का नो-फ्लाई ज़ोन (प्रतिबंधित क्षेत्र) निर्धारित किया गया है, जो अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास तक फैला हुआ है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस विशिष्ट मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया जाएगा। भारत ने बंगाल की खाड़ी के लिए जारी किया NOTAM: 590 KM क्षेत्र में मिसाइल परीक्षण की तैयारी
परीक्षण का पूरा शेड्यूल और मुख्य विवरण
भारत द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत 29 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच 4 अलग-अलग समय अवधियों में मिसाइल परीक्षण की योजना बनाई गई है:
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29-30 अक्टूबर: 29 अक्टूबर सुबह 9:00 बजे से 30 अक्टूबर सुबह 11:00 बजे तक
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2-3 नवंबर: 2 नवंबर दोपहर 2:00 बजे से 3 नवंबर शाम 4:00 बजे तक
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5 नवंबर: सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक
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6 नवंबर: सुबह 9:00 बजे से सुबह 11:00 बजे तक
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निर्धारित रेंज: अधिकतम 590 किलोमीटर तक
NOTAM का उद्देश्य: इस प्रकार के नोटिफिकेशन का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात और समुद्री जहाजों को सतर्क करना होता है, ताकि परीक्षण के दौरान क्षेत्र में उड़ानों और नागरिक जहाजों की आवाजाही को रोककर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हिंद महासागर में बढ़ती सामरिक तैयारी
यह NOTAM ऐसे समय पर आया है जब भारत अपनी रक्षा तैयारियों और समुद्री सुरक्षा को निरंतर मजबूत कर रहा है। हाल ही में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा एक व्यापक अभ्यास आयोजित किया गया था:
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तीनों सेनाओं का संयुक्त अभ्यास: 20 से 22 अक्टूबर के दौरान अंडमान-निकोबार थिएटर कमांड के तहत थलसेना, नौसेना और वायुसेना ने तीन दिवसीय विशाल हवाई फायरिंग ड्रिल की थी।
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हथियार प्रणालियों का परीक्षण: इस अभ्यास में लड़ाकू विमानों, तोपों, रॉकेट्स और मिसाइल प्रणालियों से लाइव-फायरिंग की गई, जिसका उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में परिचालन तैयारियों को परखना था।
बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार का यह पूरा क्षेत्र भारत की सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है

