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विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत अमेहटा में राहत शक्ति अभियान का शुभारंभ, विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ महिलाओं को स्वास्थ्य जागरूकता और आत्मबल से जोड़ने का अभियान

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कटनी। विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत अमेहटा में हर महिला की शक्ति, हर गांव का विकास को मूल मंत्र बनाकर राहत समर्पण सेवा समिति द्वारा गतदिवस राहत शक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान पूर्वमंत्री एवं विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता और आत्मबल से जोड़ना है। अमेहटा श्रमधाम स्कूल परिसर मे अनंत बगड़िया के साथ कार्यक्रम का आगाज करते हुए राहत ग्रीन मिशन के अंतर्गत पौधारोपण किया गया जो की प्रकृति और नारी के संतुलन का प्रतीक होगा। इसके पश्चात सैकड़ों महिलाओं एवं बालिकाओं को नि:शुल्क सेनेटरी पैड वितरित किए गए और उन्हें माहवारी संबंधी भ्रांतियों को तोड़ते हुए स्वच्छता और आत्म-सम्मान का संदेश शिविर के माध्यम से दिया गया। शिविर की मुख्य गतिविधियां सैनिटरी पैड वितरण स्वास्थ्य व स्वच्छता जागरूकता सत्र ताकि खुलकर बात करें। संवाद श्रृंखला महिला सशक्तिकरण पर प्रेरणादायक चर्चाएं पौधारोपण और पर्यावरण सरंक्षण का संदेश दिया गया।

उद्योगपति ने दिया संदेश

उघोगपति अनंत बगड़िया ने जानकारी देते हुए कहा की क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक को सभी की चिंता है, वह सभी के हित मे चिंतित रहते हैं। आज विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के मार्गदर्शन पर राहत समर्पण सेवा समिति ने हमारे कार्य क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करते हुए निशुल्क सेनेटरी पैड वितरित किए गए। कार्यक्रम के समापन के पश्चात राहत समर्पण सेवा समिति ने समाज के प्रति हितकर कार्य करने वाले अनंत बगड़िया को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

इनकी रही उपस्थिति

इस कार्यक्रम में राहत समर्पण सेवा समिति के अध्यक्ष शारदा प्रसाद साहू, छवि ताम्रकार(वोलंटियर डायरेक्टर), चंद्रभान पाल (विकास निदेशक), मिनाक्षी सीएचओ, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता छवि अनंत बगड़िया(माइंस संचालक), आयोजन स्थल प्रायोजक, ग्राम पंचायत अमेहटा की सरपंच एवं उपसरपंच, श्रमधाम स्कूल की प्राचार्या एवं शिक्षकगण, ग्राम की महिला मंडल की सक्रिय सहभागिता रही। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब जनभागीदारी और जनप्रतिनिधित्व साथ चलते हैं तो गांव की हर बेटी, बहन और मां के चेहरे पर मुस्कान लौटाई जा सकती है। राहत शक्ति अभियान न केवल महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहा है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की ओर अग्रसर कर रहा है। यह एक स्वास्थ्य, स्वाभिमान और सहयोग का आंदोलन है।

 

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