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वर्तमान समय में लोगों ने क्षमाशीलता खो दी है जिससे समाज व्यवस्था बिगड़ रही है,आज समाज की खोई हुई शक्ति का जागरण करने के लिए जामवंत जैसे भक्तों की आवश्यकता 

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वर्तमान समय में लोगों ने क्षमाशीलता खो दी है जिससे समाज व्यवस्था बिगड़ रही है,आज समाज की खोई हुई शक्ति का जागरण करने के लिए जामवंत जी जैसे भक्तों की आवश्यकता

कटनी, श्री सीतारामाचार्य गोष्टी न्यास अंतर्गत श्री वेंकटेश सत्संग समिति कटनी के तत्वाधान में शंभू टॉकीज रोड स्थित पुराने आयकर कार्यालय में श्री राम कथा के आठवें दिवस का आयोजन भव्य श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर इटारसी से पधारे श्री श्री 1008 स्वामी श्री रामकृष्णाचार्य जी महाराज ने व्यास पीठ से भक्तों को श्री हनुमान जी का लंका प्रस्थान, श्री सीता जी एवं हनुमान जी संवाद, और लंका दहन जैसे प्रेरक प्रसंगों का सुंदर व भावपूर्ण वर्णन प्रस्तुत किया।आयोजन मे
श्री श्री 1008 स्वामी श्री रामकृष्णाचार्य जी महाराज ने वाल्मीकि रामायण और सनातन धर्म के संदर्भ में भगवान श्री राम एवं हनुमान जी की लीला का गूढ़, पावन और विस्तृत अंतरंग विवेचन करते हुए श्रोताओं को आध्यात्मिक भाव-विभोर किया।कथा के दौरान श्री हनुमान जी के लंका प्रस्थान, माता सीता से संवाद, तथा लंका दहन प्रसंग में प्रभु श्री राम के संकल्प, भक्त हनुमान की धैर्य, संघर्ष और भक्ति को विस्तार से बताया गया।
स्वामी जी ने हनुमान जी के अद्वितीय साहस, सेवा और श्री राम के प्रति उनकी अपार भक्ति का ज्वलंत उदारहण प्रसंगों द्वारा श्रोताओं के समक्ष रखा।
व्यास पीठ से बताया गया कि आजकल के लोगों ने क्षमाशीलता को दी है जिससे समाज व्यवस्था बिगड़ गई है आज समाज में इसकी अत्यंत आवश्यकता है.
माता सीता एवं हनुमान जी के संवाद का विस्तृत वर्णन करते हुए बताया कि सीता जी द्वारा भली प्रकार से संतुष्ट होकर एवं भगवान की मुद्रिका देखकर ही हनुमान जी से संवाद किया गया. आज के समय में माताएं एवं बहने बड़े ही आसानी से अपरिचितों पर विश्वास कर लेती हैं जिसका परिणाम है कि समाज में आज लगातार माताओ एवं महीना के साथ अप्रिय घटनाएं घट रही है.
श्रद्धा और उमंग का वातावरण हजारों श्रद्धालु, समिति के सदस्यगण, और सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि आयोजन स्थल पर उपस्थित होकर श्री राम कथा श्रवण के इस पुण्य पर्व के सहभागी बने।
व्यास पीठ से नरसी मेहता के सुंदर पदों का गायन किया गया जिसे सुनकर समस्त श्रोताजन अत्यंत आनंदित हुए.
कार्यक्रम में श्री वेंकटेश सत्संग समिति के पदाधिकारियों ने व्यासपीठ का विधिवत पूजन किया गया।आयोजकों ने श्री रामकथा महोत्सव को कटनी नगर के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन का वैशिष्ट्यपूर्ण आयोजन बताया।
कथा के नौवे दिवस व्यास पीठ से श्री विभीषण जी की शरणागति,भगवान का लंका प्रस्थान,रावण वध,श्री राम जी का अयोध्या आगमन, राज्याभिषेक आदि प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा
श्री वेंकटेश सत्संग समिति कटनी द्वारा संपूर्ण कटनी नगर की जनता से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर श्री राम कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया गया है ।

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