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मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: एल्युमिनियम-स्टील की सप्लाई पर संकट, भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा मौका

मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: एल्युमिनियम-स्टील की सप्लाई पर संकट, भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा मौका। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब वैश्विक व्यापार और उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। मशहूर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA की एक रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के कारण पैदा हुई अनिश्चितता ने एल्युमिनियम और स्टील जैसे अहम धातु बाजारों को प्रभावित कर दिया है। सप्लाई चेन में बाधा आने से कमोडिटी की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं।

मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: एल्युमिनियम-स्टील की सप्लाई पर संकट, भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा मौका

रिपोर्ट के अनुसार इस वैश्विक संकट के बीच भारतीय मेटल कंपनियों के लिए नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। खासतौर पर Vedanta Limited और Tata Steel जैसी कंपनियां इससे फायदा उठा सकती हैं, क्योंकि वैश्विक बाजार में सप्लाई कम होने पर भारतीय उत्पादन की मांग बढ़ सकती है।

दरअसल, मध्य पूर्व दुनिया की कुल प्राइमरी एल्युमिनियम क्षमता का लगभग 9 प्रतिशत हिस्सा संभालता है, जो करीब 6.9 मिलियन टन है और इसका बड़ा भाग निर्यात किया जाता है। युद्ध के कारण इस क्षेत्र की सप्लाई चेन पर असर पड़ा है और एक बड़ा स्मेल्टर पहले ही उत्पादन रोक चुका है। किसी भी एल्युमिनियम प्लांट को बंद करना और फिर दोबारा शुरू करना काफी महंगा और समय लेने वाला काम होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गैस सप्लाई में और बाधा आती है तो वैश्विक बाजार में एल्युमिनियम की कमी हो सकती है। इससे कीमतों में तेज उछाल आ सकता है, जिसका असर ऑटोमोबाइल, निर्माण और कई अन्य उद्योगों की लागत पर पड़ेगा। ऐसे हालात में भारतीय मेटल कंपनियां वैश्विक मांग को पूरा कर बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती हैं। मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: एल्युमिनियम-स्टील की सप्लाई पर संकट, भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा मौकाScreenshot 20260309 141252 Chrome

 

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि