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बैंक डूबा तो FD का पैसा कितना सुरक्षित? जानिए DICGC का नियम और बचाव के तरीके

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नई दिल्ली: बैंक डूबा तो FD का पैसा कितना सुरक्षित? जानिए DICGC का नियम और बचाव के तरीके।  हम अक्सर FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैंक डूबने की स्थिति में आपकी पूरी जमा राशि सुरक्षित नहीं रहती?

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बैंक डूबा तो FD का पैसा कितना सुरक्षित? जानिए DICGC का नियम और बचाव के तरीके

कितनी रकम पूरी तरह से सुरक्षित है?

भारत में जमाकर्ताओं के पैसों की सुरक्षा डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) करती है। नियम के अनुसार: हर जमाकर्ता को 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है।यह 5 लाख की सीमा में सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट, FD और RD सभी शामिल हैं।उदाहरण: अगर आपके खाते में कुल 10 लाख रुपये हैं, तो बैंक डूबने पर केवल 5 लाख रुपये सुरक्षित रहेंगे।

एक ही बैंक में कई FD पर क्या नियम है?

कुछ लोग सोचते हैं कि अगर 10 लाख रुपये की FD को 2-2 लाख की पांच अलग-अलग FD में बांट दें, तो पैसा ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा।

सच्चाई यह है कि एक ही बैंक में सभी FD मिलाकर भी कुल बीमा 5 लाख रुपये तक ही रहेगा। केवल खातों की संख्या बढ़ाने से सुरक्षा नहीं बढ़ती।

कैसे बचाएं अपनी पूरी रकम?

5 लाख रुपये से ज्यादा की जमा राशि को सुरक्षित रखने के लिए यह करें:

  1. पैसे को अलग-अलग बैंकों में बांटें

उदाहरण: 15 लाख रुपये → 5 लाख रुपये बैंक A, 5 लाख रुपये बैंक B, 5 लाख रुपये बैंक C। इससे पूरी रकम DICGC बीमा के तहत आ जाएगी।

  1. परिवार के नाम का इस्तेमाल करें

5 लाख रुपये अपने नाम पर, 5 लाख रुपये जीवनसाथी के नाम पर, 5 लाख रुपये जॉइंट अकाउंट में। कानूनी तौर पर हर खाते पर अलग-अलग बीमा कवर मिलेगा।

छोटे बैंकों में निवेश का खतरा

छोटे और स्मॉल फाइनेंस बैंक उच्च ब्याज देते हैं, लेकिन जोखिम भी ज्यादा होता है। इसलिए 5 लाख रुपये से ज्यादा निवेश करने से बचें। सुरक्षा और उच्च ब्याज का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

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