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IAS Officers Under CBI Scanner: 590 करोड़ के IDFC बैंक घोटाले में 5 IAS अफसरों पर कसेगा CBI का शिकंजा; हरियाणा सरकार ने दी जांच की मंजूरी, अब तक 16 गिरफ्तार

IAS Officers Under CBI Scanner: 590 करोड़ के IDFC बैंक घोटाले में 5 IAS अफसरों पर कसेगा CBI का शिकंजा; हरियाणा सरकार ने दी जांच की मंजूरी, अब तक 16 गिरफ्तार

IAS Officers Under CBI Scanner: 590 करोड़ के IDFC बैंक घोटाले में 5 IAS अफसरों पर कसेगा CBI का शिकंजा; हरियाणा सरकार ने दी जांच की मंजूरी, अब तक 16 गिरफ्तार

IAS Officers Under CBI Scanner: 590 करोड़ के IDFC बैंक घोटाले में 5 IAS अफसरों पर कसेगा CBI का शिकंजा; हरियाणा सरकार ने दी जांच की मंजूरी, अब तक 16 गिरफ्तार।  हरियाणा में सरकारी धन के गबन और बैंकिंग धोखाधड़ी के सबसे बड़े मामलों में से एक ‘IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले’ में राज्य सरकार ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने इस महा-घोटाले में संलिप्तता के संदेह के घेरे में आए पांच वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को जांच करने की आधिकारिक हरी झंडी दे दी है।

IAS Officers Under CBI Scanner: 590 करोड़ के IDFC बैंक घोटाले में 5 IAS अफसरों पर कसेगा CBI का शिकंजा; हरियाणा सरकार ने दी जांच की मंजूरी, अब तक 16 गिरफ्तार

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत मंजूरी

हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 17A के तहत सीबीआई को इस जांच की अनुमति प्रदान की है।

कैसे हुआ 590 करोड़ का यह ‘महा-घोटाला’?

यह पूरा मामला सरकारी विभागों के पैसे को नियमों को ताक पर रखकर निजी बैंकों में जमा कराने और फिर वहां से गबन करने से जुड़ा है।

सीबीआई की छापेमारी और 16 गिरफ्तारियां

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई लगातार ताबड़तोड़ एक्शन में है:

जांच समिति की रिपोर्ट ने खोला था ‘राज’

इस घोटाले का पर्दाफाश फरवरी 2026 में हुआ था, जब विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय जांच समिति ने दोनों बैंकों के खातों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी थीं। पहले यह जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (SV&ACB) को सौंपी गई थी और 23 फरवरी को पंचकूला में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी। बाद में मामले के अंतर-राज्यीय और व्यापक स्वरूप को देखते हुए इसे सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया था।

सीबीआई अब उन सभी प्रशासनिक मंजूरियों (Administrative Approvals) की फाइलें खंगाल रही है, जिन पर इन आईएएस अफसरों के हस्ताक्षर थे। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ब्यूरोक्रेसी के कई बड़े चेहरों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

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