IAS नेहा मारव्या फिर विवादों में, दुखी कर्मचारियों ने किया कलम बंद प्रदर्शन; बैठक से महिला अधिकारियों को बाहर निकालने का आरोप

Gujarat Trainer Aircraft Crash: गुजरात के मेहसाणा में प्रशिक्षक विमान दुर्घटनाग्रस्त, महिला पायलट घायल

 IAS नेहा मारव्या फिर विवादों में, दुखी कर्मचारियों ने किया कलम बंद प्रदर्शन; बैठक से महिला अधिकारियों को बाहर निकालने का आरोप

मध्य प्रदेश की आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या के व्यवहार से तंग आकर जनजातीय क्षेत्रीय विकास परियोजना के अधिकारी और कर्मचारी शुक्रवार को एकजुट होकर खुलकर मैदान में उतर आए। कर्मचारियों ने दफ्तर में कलम बंद प्रदर्शन करते हुए कामकाज ठप कर दिया।

बैठक के दौरान दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों को निकाला बाहर

विवाद की तात्कालिक वजह गुरुवार को आयोजित एक समीक्षा बैठक बनी:

  • वर्ष 2017 से संचालित एक योजना को लेकर दूसरे विभागों के अफसरों की मौजूदगी में बैठक बुलाई गई थी।

  • किसी जानकारी पर असंतुष्ट होकर IAS नेहा मारव्या ने अपर संचालक स्तर की दो महिला अधिकारियों को बैठक से बाहर निकाल दिया।

  • अपर संचालक रीता सिंह ने आरोप लगाया कि तीन घंटे के भीतर 40-50 साल पुराना रिकॉर्ड मांगा जाता है और बैगा, भारिया व सहरिया समाज को दिया जाने वाला विशेष आहार अनुदान भी अटका हुआ है।

  • अपर संचालक शिवानी गुप्ता ने बताया कि लोकसभा के एक प्रश्न की तत्कालीन जानकारी न होने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

कर्मचारियों के गंभीर आरोप

प्रदर्शन कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि:

  1. वेतन रोकने और निलंबन की धमकी: दफ्तर में छोटी-छोटी बातों पर कर्मचारियों का वेतन (इंक्रीमेंट) रोकने, कारण बताओ नोटिस जारी करने और सस्पेंड करने की बार-बार धमकियां दी जाती हैं।

  2. मानसिक प्रताड़ना: लंबे समय से कर्मचारी मानसिक दबाव में काम कर रहे थे, लेकिन गुरुवार की घटना के बाद उनके सब्र का बांध टूट गया।

संपर्क साधने पर नहीं मिला जवाब

कर्मचारियों के आरोपों और उग्र प्रदर्शन के बीच जब मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा IAS नेहा मारव्या का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क साधने और एसएमएस (SMS) भेजने की कोशिश की गई, तो उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया या जवाब नहीं आया।