होर्मुज स्ट्रेट संकट: ईरान की बिछाई माइंस बनी सबसे बड़ी वजह, समुद्री रास्ता अब भी बंद। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने में लगातार देरी हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि ईरान खुद ही अपने द्वारा बिछाई गई समुद्री माइंस को ढूंढ नहीं पा रहा है और उन्हें हटाना उसके लिए बेहद मुश्किल हो गया है।अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान के पास माइंस को ट्रैक करने और साफ करने की क्षमता सीमित है, जिसके चलते यह अहम समुद्री मार्ग अब भी बंद बना हुआ है।
होर्मुज स्ट्रेट संकट: ईरान की बिछाई माइंस बनी सबसे बड़ी वजह, समुद्री रास्ता अब भी बंद
ईरान ने क्यों बिछाईं थीं माइंस?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने समुद्र और आसपास के इलाकों में माइंस इस रणनीति के तहत बिछाई थीं कि:
- अमेरिका और खाड़ी देशों पर दबाव बनाया जा सके
- सैन्य हमलों को रोका जा सके
- रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण मजबूत किया जा सके
यह वही रास्ता है जिससे दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और ऊर्जा आयात करता है।
अब क्यों बढ़ी मुश्किल?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि:
- कई माइंस अपनी तय जगह से हट गई हैं
- कुछ माइंस पानी के बहाव में इधर-उधर हो गई हैं
- सही लोकेशन का रिकॉर्ड भी स्पष्ट नहीं है विशेषज्ञों के अनुसार, माइंस हटाना उन्हें लगाने से कहीं ज्यादा मुश्किल काम है।
वैश्विक असर क्या पड़ा?
- जहाजों की आवाजाही लगभग ठप
- ऊर्जा आपूर्ति पर संकट
- भारत समेत कई देशों में सप्लाई चेन प्रभावित
कूटनीतिक तनाव जारी
यह मुद्दा उस समय और गंभीर हो गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिका लगातार इस मार्ग को खोलने की मांग कर रहा है, जबकि ईरान इस क्षेत्र पर रणनीतिक नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।
होर्मुज स्ट्रेट का यह संकट अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

