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Honey trap इंदौर में बड़ी कार्रवाई: पांच हजार लड़कियों की तस्करी करने वाला बांग्लादेशी गिरफ्तार

Honey trep

Honey trapइंदौर। मानव तस्करी और देहव्यापार के मामले में गिरफ्तार विजय कुमार दत्त ने पांच हजार से ज्यादा लड़कियों की खरीद फरोख्त और देहव्यापार करवाना कबूला है। 25 साल पूर्व बांग्लादेश से भारत आया विजय मुंबई के नाला सुपारा क्षेत्र की तंग बस्ती में रहता था। एसआइटी ने उसे बाणगंगा क्षेत्र की कालिंदी गोल्ड सिटी में रहने वाले उज्जवल ठाकुर के घर से साथी बबलू के साथ पकड़ा है।वह उज्जवल,बबलू और सैजल की मदद से इंदौर को देहव्यापार का हब बनाना चाहता था। इंदौर से सूरत,राजस्थान,मुंबई सहित अन्य टूरिस्ट पैलेस पर लड़कियां सप्लाय की चेन तैयार करने के प्रयास में भी था।

 

आइजी हरिनारायणाचारी मिश्र के मुताबिक आरोपित विजय कुमार दत्त ने पूछताछ में स्वीकारा कि उसका मूल नाम कुछ और है। अवैध तरिके से भारत आने के बाद वह मुंबई में ही बस गया था। फर्जी वोटर आइडी और आधार आइडी कार्ड बनवाने के उसने पासपोर्ट बनवाया और पत्नी से मिलने के बहाने बांग्लादेश जाना शुरु कर दिया।

 

तस्कर ने यह भी बताया कि वह बांग्लादेश की शबाना व बख्तियार के माध्यम से गरीब घरों कीकी लड़कियों नौकरी के बहाने भारत बुला कर देहव्यापार में धकेल देता था। उसने यह भी बताया कि बांग्लादेश से आने वाली लड़कियों को पहले तक उन्हें नाला सुपारा व अन्य जगहों पर छुपाता और खुद शारीरिक संबध बनाता।विजय करीब 10 युवतियों से शादी कर चुका है। जबकि 100 से ज्यादा प्रेमिकाएं है उनसे भी देहव्यापार करवा कर कमिशन खुद ही रखता है।

आरोपित ने यह भी बताया उसने इंदौर,धार,अलीराजपुर,झाबुआ,सूरत,अहमदाबाद,जयपुर,बैंगलुरु सहित विभिन्ना शहरों के दलालों की चेन बना ली थी। आइजी के मुमुताबिक सैंकड़ों लड़कियां का पुलिस को हिसाब मिल चुका है जिन्हें विजय ने दलालों के माध्यम से विभिन्ना शहरों में भेजा है। पुलिस को उसके ऐसे विडियों मिलें है जिसमें शराब की बोतल लिए लड़कियों के बीच में फिल्मी गानों पर नाच रहा है। पुलिस ने 4 युवतियों को भी हिरासत में लिया है जिसमें दो बांग्लादेशी बताई जा रही है।

मुंबई में दबिश देते ही इंदौर आ गया था तस्कर

विजयनगर थाना पुलिस ने विजय की तलाश में कईं बार छापे मारे लेकिन तंग बस्ती होने से पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस बार एनआइए द्वारा जानकारी मांगे जाने पर एसपी(पूर्वी) आशुतोष बागरी ने प्रोबेशनर आइपीएस मोती उर रहमान को जांच का जिम्मा सौंपा और एक टीम मुंबई भेजी। इस बार भी विजय पुलिस के हाथ से फिसल गया लेकिन भागकर इंदौर आ गया। एसपी ने एसआइटी को पीछे लगाया और मोबाइल लोकेशन के आधार पर कालिंदी गोल्ड से उज्जवल के घर से पकड़ लिया।

मंगलवार दोपहर टीआइ तहजीब काजी और एसआइ प्रियंका शर्मा ने उज्जवल के घर छापा मार कुछ दस्तावेज जब्त कर लिए। बरामद एक लड़की इसके पूर्व एमआइजी थाना द्वारा पकड़ी जा चुकी है। आरोपित ने बताया कि सूरज और मुंबई के बाद इंदौर को हब बनाने की कोशिश थी। इंदौर से फ्लाइट,बस और ट्रेन आसानी से मिलने के कारण लड़कियों की सप्लाय आसान हो जाती है। इसलिए वह सैजल,बबलू और उज्जवल के माध्यम से किराये का मकान लेकर मुख्य अड्डा बनाना चाहता था।

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