असम में ‘हिमंत’ तूफ़ान! NDA ने बहुमत के ‘जादुई’ 64 के आंकड़े को किया ध्वस्त, भाजपा की ऐतिहासिक ‘हैट्रिक’ पर मुहर; जानें पूरा गणित। असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए आज मतगणना का दिन है। राज्य की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका फैसला बहुमत के उस ‘जादुई आंकड़े’ से होगा जिसे छूने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। Yashbharat.com आपको समझा रहा है असम का पूरा चुनावी गणित।
असम में ‘हिमंत’ तूफ़ान! NDA ने बहुमत के ‘जादुई’ 64 के आंकड़े को किया ध्वस्त, भाजपा की ऐतिहासिक ‘हैट्रिक’ पर मुहर; जानें पूरा गणित
1. बहुमत का गणित: 64 का ‘मैजिक नंबर’
असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार, सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को आधे से एक अधिक, यानी 64 सीटों की आवश्यकता होती है।
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NDA (भाजपा+): मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के नेतृत्व में NDA इस बार 100 सीटों का दावा कर रहा है।
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ASM (कांग्रेस+): गौरव गोगोई की अगुवाई वाला ‘असोम सनमिलितो मोर्चा’ (ASM) सत्ता परिवर्तन की उम्मीद लगाए बैठा है।
2. ताज़ा रुझान: भाजपा गठबंधन बहुमत के पार!
ताज़ा मिल रही जानकारी के अनुसार, असम में भाजपा गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है:
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NDA (भाजपा+): 75-80 सीटों पर बढ़त (बहुमत से काफी आगे)।
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ASM (कांग्रेस+): 25-30 सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है।
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निर्दलीय व अन्य: 15-20 सीटें।
3. ‘किंगमेकर’ की भूमिका में क्षेत्रीय दल
असम की राजनीति में क्षेत्रीय अस्मिता का बड़ा रोल है।
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AGP और UPPL: भाजपा के सहयोगी दल (असम गण परिषद और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल) निचला असम और बोडोलैंड क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
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BPF (बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट): हाग्रामा मोहिलरी की पार्टी भी कुछ सीटों पर कड़ा मुकाबला दे रही है।
4. परिसीमन (Delimitation) का प्रभाव
इस बार का चुनाव परिसीमन के बाद पहला बड़ा चुनाव है। हालाँकि कुल सीटें 126 ही रहीं, लेकिन निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव ने पुराने समीकरणों को बिगाड़ दिया है।
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SC/ST सीटें: आरक्षित सीटों पर बढ़ा हुआ 85% से अधिक का मतदान यह संकेत दे रहा है कि जनता ने किसी एक लहर के पक्ष में जमकर वोट किया है।
Yashbharat.com की ग्राउंड रिपोर्ट:
असम के ऊपरी क्षेत्रों (Upper Assam) में भाजपा की पकड़ बेहद मज़बूत दिख रही है, जबकि बराक घाटी में कांग्रेस और अन्य दलों के बीच कड़ी टक्कर है। हिमंता बिस्व सरमा अपनी सीट ‘जालुकबारी’ से भारी मतों से आगे चल रहे हैं, जिससे उनकी ‘हैट्रिक’ लगभग तय मानी जा रही है।
असम की सत्ता का फाइनल ‘सुल्तान’ कौन होगा? सबसे तेज़ नतीजों के लिए Yashbharat.com के साथ बने रहें!

