Heavy Rainfall मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। महाकौशल में बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। कटनी में भी बारिश जारी है। यहां प्रशासन के साथ अब जनप्रतिनिधियों ने भी निकल कर हालातों का जायजा लिया। इधर कटनी में प्रशासन ने कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया है।
एमपी में इसलिए स्ट्रॉन्ग सिस्टम बना
आईएमडी भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन लो प्रेशर एरिया बन गया है। मानसून ट्रफ इस लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए सीधी, ग्वालियर यानी मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से से गुजर रहा है। एक अन्य ट्रफ पूर्व-पश्चिम से होकर इन्हीं क्षेत्रों में एक्टिव है। दक्षिण-पश्चिमी हवाओं की बात करें तो इससे बराबर नमी आ रही है, जो प्रदेश को प्रभावित कर रही है।
बरगी डैम के दो गेट और खोल दिए गए
जबलपुर में बरगी डैम के दो गेट और खोल दिए गए। अब 9 गेटों से पानी छोड़ा जा रही है। नर्मदापुरम में भी तवा डैम के 9 गेट खोले गए। इससे नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते जा रहा है। उमरिया में जोहिला नदी पर बने डैम का एक गेट सीजन में पहली बार खोला गया।
शनिवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश रीवा में हुई। यहां डेढ़ इंच पानी गिरा। जबलपुर में सवा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। भोपाल के अलावा बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, पचमढ़ी, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, सतना, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रीवा, मंडला और नौगांव में भी बारिश हुई।
विदिशा और अशोकनगर को जोड़ने वाले बाह्य नदी के पुल पर दो फीट ऊपर से पानी बह रहा है। रायसेन में प्राकृतिक झरने फूट पड़े हैं। रविवार को 5 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इधर, शिवपुरी में नदी के बीच बने केदारेश्वर धाम में कथा कराने गए 8 लोग फंस गए थे। जिन्हें एसडीईआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर लिया है।

