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RBI की सख्ती के बीच HDFC बैंक की बड़ी राहत: होम लोन ग्राहकों के लिए कम हुई EMI, जानिए नई MCLR दरें

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RBI की सख्ती के बीच HDFC बैंक की बड़ी राहत: होम लोन ग्राहकों के लिए कम हुई EMI, जानिए नई MCLR दरें

विशेष रिपोर्ट (यशभारत.कॉम): जहाँ एक ओर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 44 महीने के लंबे अंतराल के बाद रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी कर इसे 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया है, वहीं देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक ने अपने ग्राहकों को दिवाली से पहले बड़ी राहत दी है। HDFC बैंक ने सभी अवधि (Tenures) के लिए अपने ‘मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट’ (MCLR) में 15 बेसिस प्वाइंट्स (0.15%) तक की कटौती का ऐलान किया है।

बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ये नई संशोधित MCLR दरें 7 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस कटौती के बाद MCLR से जुड़े लोन वाले ग्राहकों की मासिक ईएमआई (EMI) कम होना तय है।

HDFC बैंक की नई MCLR दरें (अक्टूबर 2026)

बैंक ने विभिन्न अवधियों के लोन के लिए नई दरें जारी की हैं, जो अब 7.80% से 8.55% के दायरे में आ गई हैं:

लोन की अवधि (Tenure) नई MCLR (अक्टूबर 2026) PNG पुरानी MCLR (सितंबर 2026) PNG दरों में कटौती (bps/%) PNG
ओवरनाइट (Overnight) 7.80% 7.90% 0.10% (10 bps)
1 महीना 7.75% 7.90% 0.15% (15 bps)
3 महीने 7.95% 8.05% 0.10% (10 bps)
6 महीने 8.15% 8.25% 0.10% (10 bps)
1 साल (होम लोन हेतु) 8.30% 8.35% 0.05% (5 bps)
2 साल 8.40% 8.45% 0.05% (5 bps)
3 साल 8.55% 8.60% 0.05% (5 bps)

क्या होता है MCLR और ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

MCLR (Marginal Cost of Funds-Based Lending Rate) वह न्यूनतम ब्याज दर होती है जिससे नीचे कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता।

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