गुना (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश के गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र से एक दिल को जगझोर के रख देने वाली वारदात सामने आई है। गुना के धरनावदा गांव में धनतेरस के पवित्र पर्व की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब केवल तीन बीघा जमीन के टुकड़े और रबी सीजन की बोवनी के विवाद में सगे बड़े भाई और भतीजों ने मिलकर अपने ही छोटे भाई के परिवार पर कातिलाना हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में 58 वर्षीय पति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल है, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में मातम का माहौल बन गया, वहीं परिवार में धनतेरस पर्व की खुशियां मातम और चीख-पुकार में तब्दील हो गई हैं।
धनतेरस पूजन की तैयारियों के बीच हुआ खूनी हमला
धरनावदा थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के समीप रहने वाले 58 वर्षीय गोविंद लौहार के आशियाने में शुक्रवार की शाम धनतेरस के पावन पर्व पर महालक्ष्मी पूजन की तैयारियां जोरों पर थीं। आंगन में दीये सजाए जा रहे थे और पूरा परिवार त्योहार के उल्लास एवं उत्सव के माहौल में सराबोर था ।
ठीक उसी वक्त, शाम करीब साढ़े सात बजे, गोविंद का बड़ा भाई कालूराम अपने बेटों बजरंग और रामविलास के साथ अचानक उनके घर जा धमका। आते ही उसने पुराने जमीन विवाद को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। बात इतनी बढ़ गई कि कुछ ही मिनटों में आरोपियों ने उग्र होकर गोविंद और उनकी पत्नी रेखा बाई पर लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
इस अचानक हुए हमले से घर में चीख-पुकार मच गई। हमले में गोविंद लौहार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी रेखा बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। बीच-बनाव और संघर्ष के दौरान मृतक पक्ष का एक भतीजा बजरंग लौहार (36) भी घायल हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए। जिस घर में कुछ देर पहले तक धनतेरस के दीप जलाने की तैयारियां हो रही थीं, वहां अब सिर्फ खून के धब्बे, मातम और गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।
क्या है पूरा जमीन विवाद?
धरनावदा थाना प्रभारी नीरज लोधी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक गोविंद लौहार और उसके बड़े भाई कालूराम के हिस्से की करीब तीन से चार बीघा जमीनें एक-दूसरे से सटी हुई हैं। इसी जमीन की हदबंदी और खेती-किसानी की छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों परिवारों के बीच पिछले कुछ सालों से अंदरखाने मनमुटाव और तनातनी चल रही थी।
विवाद की असली जड़ रबी की फसल की बोवनी बनी। शुक्रवार को खेतों में सिंचाई के लिए पाइप डालने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी तूल पकड़ गई कि कालूराम लौहार और उसके बेटों—बजंरग व रामविलास—ने आवेश में आकर खूनी कदम उठा लिया। पुलिस ने मृतक के शव को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है और आरोपियों के खिलाफ हत्या एवं गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

