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Guest Teacher कटनी में अतिथि शिक्षकों ने जताई भविष्य की चिंता, मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली, सौंपा ज्ञापन

कटनी। Guest Teacher मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों ने एक बार फिर अपने भविष्य को लेकर सरकार के समक्ष गंभीर चिंता व्यक्त की है। आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के बैनर तले प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों की ओर से राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भेजकर वर्षों से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय की मांग की गई है।

शनिवार दोपहर 12 बजे कटनी के माधवनगर गेट से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक अतिथि शिक्षकों ने रैली निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। रैली के समापन पर जिला पंचायत कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक मौजूद रहे।

संघ ने ज्ञापन में बताया कि बीते 17–18 वर्षों से अतिथि शिक्षक स्कूल शिक्षा विभाग एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत पूरी निष्ठा और ईमानदारी से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए तीन अलग-अलग कैडर स्वीकृत किए गए, किंतु अतिथि शिक्षकों को किसी भी कैडर में शामिल नहीं किया गया, जिससे उनमें सेवा से बाहर किए जाने का भय और असंतोष बढ़ गया है।

अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें—

कार्यानुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर अतिथि शिक्षकों का सेवाकाल 12 माह एवं 62 वर्ष तक सुरक्षित किया जाए।
वर्तमान में सेवा से पृथक अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए।

अतिथि शिक्षक महापंचायत में की गई घोषणा के अनुसार शिक्षक भर्ती में प्रति वर्ष 4 बोनस अंक (अधिकतम 20 अंक) जोड़े जाएं।

कार्यानुभव व वरिष्ठता के आधार पर विभागीय परीक्षा आयोजित की जाए।

कैबिनेट में पारित प्रस्ताव के अनुसार अतिथि शिक्षकों को संविदा कैडर में शामिल किया जाए।

हरियाणा मॉडल अतिथि शिक्षक विधेयक 2019 एवं छत्तीसगढ़ मॉडल (12 माह, 62 वर्ष) को मध्यप्रदेश में लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2018 में लिखे गए पत्र की भावना के अनुरूप अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाया जाए।

अतिथि शिक्षक संघ ने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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