विशेष संवाददाता। डिंडौरी: मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सीय लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चूहामार दवा (जहर) खाकर गंभीर हालत में इलाज के लिए पहुंचे एक युवक को नॉर्मल आईवी (IV) सेलाइन ड्रिप की जगह मिनरल वाटर की बोतल से ड्रिप चढ़ा दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने इस घटना को कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल करने वाला मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
तत्काल प्रभाव से निलंबन व कारण बताओ नोटिस जारी
कलेक्टर के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए:
डिंडौरी जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही: चूहामार दवा खाए मरीज को चढ़ाई मिनरल वाटर की ड्रिप, नर्सिंग अधिकारी निलंबित, अधिकारियों को नोटिस
नर्सिंग अधिकारी निलंबित: वार्ड में पदस्थ नर्सिंग अधिकारी भावना चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शीर्ष अधिकारियों को नोटिस: लापरवाही की चिकित्सीय व प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), सिविल सर्जन और ड्यूटी डॉक्टर को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 5 (डिंडौरी) निवासी सत्यम यादव ने अज्ञात कारणों से चूहामार दवा खा ली थी। परिजनों द्वारा उन्हें तुरंत गंभीर स्थिति में डिंडौरी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने चिकित्सीय मानकों को दरकिनार करते हुए मरीज को सेलाइन फ्लूइड्स की जगह बाजार में मिलने वाली मिनरल वाटर की बोतल से ड्रिप लगा दी। अस्पताल में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया।
प्रशासन का रुख
डिंडौरी जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही: चूहामार दवा खाए मरीज को चढ़ाई मिनरल वाटर की ड्रिप, नर्सिंग अधिकारी निलंबित, अधिकारियों को नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्पष्ट किया कि मरीजों की जान से खिलवाड़ और लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसके आधार पर अन्य जिम्मेदार कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है।