विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस पर कटनी में हुआ भव्य हिंदू महासम्मेलन,संतों के सानिध्य में जिलेभर से जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता, सामाजिक समरसता, संगठन और सेवा कार्यों पर दिया जोर
विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस पर कटनी में हुआ भव्य हिंदू महासम्मेलन,संतों के सानिध्य में जिलेभर से जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता, सामाजिक समरसता, संगठन और सेवा कार्यों पर दिया जो
कटनी। विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर कटनी नगर में संतों के सानिध्य में हिंदू महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल ब्रह्मचारी संत शिरोमणि ब्रह्मानंद दास जी महाराज का सानिध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। हिंदू महासम्मेलन में कटनी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके अलावा नगर के व्यवसायी, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक कार्यकर्ता एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान संतों एवं अतिथियों का स्वागत किया गया। वक्ताओं ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना, संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक समरसता, सेवा कार्यों तथा हिंदू समाज को संगठित एवं जागरूक करने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
जमीनी स्तर पर कार्य करना आवश्यक : संत ब्रह्मानंद दास
कार्यक्रम में उपस्थित बाल ब्रह्मचारी संत शिरोमणि ब्रह्मानंद दास जी महाराज ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बड़े-बड़े पद अपनी जगह हैं, लेकिन संगठन और समाज के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करना सबसे आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद पिछले 62 वर्षों से सनातन समाज की रक्षा, संगठन और सेवा के लिए निरंतर कार्य करता चला आ रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज के बीच जाकर उन चुनौतियों और षड्यंत्रों के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है, जो सनातन समाज और उसकी परंपराओं के सामने खड़े किए जा रहे हैं। समाज में समरसता का भाव मजबूत करना प्रत्येक कार्यकर्ता और समाजजन का दायित्व है।
संत ब्रह्मानंद दास जी महाराज ने कहा कि हम भगवान श्रीराम को मानते हैं, भगवान बुद्ध को मानते हैं, संतों और महापुरुषों को मानते हैं। हमारी पहचान सनातनी के रूप में है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने आचरण से श्रेष्ठ बनता है, कोई जाति अपने आप में श्रेष्ठ नहीं होती। इसलिए समाज में आपसी भाईचारा, समरसता और एकता की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के बीच जाकर लोगों को जागरूक करने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
भारत की संस्कृति को समाप्त नहीं कर पाए : जितेंद्र वर्मा
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि इतिहास में अनेक लोग भारत को समाप्त करने के उद्देश्य से आए। उन्होंने यहां अपने साम्राज्य स्थापित किए, लेकिन समय के साथ उनके साम्राज्य समाप्त हो गए और वे स्वयं इतिहास का हिस्सा बन गए। भारत की संस्कृति, परंपरा और सनातन विचार को समाप्त नहीं किया जा सका।
उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं हैं, बल्कि हिंदू समाज के लिए आस्था और शक्ति के केंद्र भी हैं। आवश्यकता के समय समाज मंदिरों में एकत्रित होकर संगठित होता रहा है। उन्होंने हिंदू समाज को जागृत करने में संतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संतों ने सदैव समाज को दिशा देने और जागरूक करने का कार्य किया है।
1964 में हुई थी विश्व हिंदू परिषद की स्थापना
जितेंद्र वर्मा ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर संत शक्ति के आशीर्वाद से विश्व हिंदू परिषद की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करने के साथ धर्म, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि विहिप द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, सेवा एवं सामाजिक सशक्तिकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सेवा परियोजनाओं के माध्यम से समाज के बीच कार्य किया जा रहा है। सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, सामाजिक समरसता और हिंदू समाज में एकता की भावना को मजबूत करने के लिए भी संगठन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सेवा, संगठन और सामाजिक समरसता पर जोर
महासम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती केवल पद और संख्या से नहीं, बल्कि समाज के बीच निरंतर किए जाने वाले कार्यों से होती है। कार्यकर्ताओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर सेवा, संस्कार, सुरक्षा और सामाजिक समरसता के विषयों पर कार्य करने की आवश्यकता बताई गई।
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन के कार्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा सामाजिक एवं धार्मिक विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
संतों एवं अतिथियों की रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में बाल ब्रह्मचारी संत श्री ब्रह्मानंद जी महाराज का सानिध्य रहा। मुख्य अतिथि श्रीमती नुपूर कपूर, प्रिंसिपल सेक्रेट हाई स्कूल, कार्यक्रम प्रभारी एवं विश्व हिंदू परिषद कटनी नगर अध्यक्ष मोनी जैसवानी, मुख्य वक्ता एवं प्रांत संगठन मंत्री जितेंद्र वर्मा, विशिष्ट अतिथि सुधांशु तिवारी, जिला अध्यक्ष लखन साहू, कार्यक्रम संयोजक एवं जिला संयोजक मनीष दुबे, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं प्रतिष्ठित उद्योगपति तथा सिंधी समाज अध्यक्ष वीरेंद्र तीर्थानी, विशिष्ट अतिथि डॉ. श्रीमती निधि प्रसन्न बजाज, जिला मंत्री राहुल मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह संयोजक एवं बजरंग दल के राहुल दुबे ने किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों की सहभागिता रही।
समापन अवसर पर अतिथियों एवं संतों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने संगठन के सेवा, संस्कार, सुरक्षा एवं सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यों को समाज के बीच निरंतर आगे बढ़ाने का संदेश दिया।








