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MP में 20 साल बाद पटरियों पर लौटेगी सरकारी बस सेवा: 25 सितंबर से शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, PPP मॉडल पर चलेगी व्यवस्था

MP में 20 साल बाद पटरियों पर लौटेगी सरकारी बस सेवा: 25 सितंबर से शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, PPP मॉडल पर चलेगी व्यवस्था

भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश में लगभग दो दशकों (20 साल) के लंबे इंतजार के बाद सार्वजनिक बस परिवहन प्रणाली का कायाकल्प होने जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में यात्री बस सेवा को आधुनिक, सुलभ और व्यवस्थित रूप देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत 25 सितंबर से करने जा रही है। इंदौर में आयोजित ‘यात्री समिट’ और 15 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस महत्वाकांक्षी योजना की आधिकारिक घोषणा की।

क्यों पड़ी इस योजना की जरूरत?

  • 2005 के बाद कमजोर पड़ी व्यवस्था: वर्ष 2005 के बाद से मध्य प्रदेश में सरकारी बस सेवा तंत्र (Roadways) कमजोर पड़ता गया, जिसके कारण पूरे प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था पूरी तरह निजी बस ऑपरेटरों (Private Operators) पर निर्भर हो गई थी।

  • यात्रियों की समस्याएं: निजी ऑपरेटरों की मनमानी, अनिश्चित समय-सारणी और ग्रामीण इलाकों में बसों की कमी के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

योजना की मुख्य विशेषताएं और मॉडल

बिंदु विवरण
योजना का नाम मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा
शुभारंभ तिथि 25 सितंबर
संचालन मॉडल PPP मॉडल (सार्वजनिक-निजी भागीदारी / Public-Private Partnership)
तकनीक का उपयोग आधुनिक डेटा एनालिसिस, GPS ट्रैकिंग और डिजिटल टिकटिंग सिस्टम
उद्देश्य प्रदेश के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों को शहरों से सस्ती और सुरक्षित बस सेवा से जोड़ना।

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