बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के आगे झुकी सरकार? भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण पर रोक; भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के आगे झुकी सरकार? भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण पर रोक; भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के आगे झुकी सरकार? भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण पर रोक; भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
इंटरनेशनल डेस्क: पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद उम्मीद थी कि इस्लामिक कट्टरपंथियों पर नकेल कसी जाएगी, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। बांग्लादेश के गाइबांधा (Gaibandha) जिले में भगवान श्री राम की निर्माणाधीन 81 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा के काम पर रोक लगा दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस (JMBF) ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन और सरकार ने यह कदम पूरी तरह से इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों के दबाव में आकर उठाया है। स्वीकृत छुट्टी पर भी पोर्टल दिखाता था ‘गायब’… अब महिला शिक्षकों के हक में आया शिक्षा विभाग का ये नया नियम
मशालें लेकर सड़कों पर उतरा हिंदू समाज; भारत ने कहा- ‘सुरक्षा सुनिश्चित करें’
इस दमनकारी फैसले के बाद बांग्लादेश के हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश है:
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सड़कों पर प्रदर्शन: हिंदू समुदाय के हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर मशाल जुलूस निकाला और अपनी धार्मिक भावनाओं पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की।
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भारत सरकार का कड़ा रुख: इस बिगड़ते माहौल को देखते हुए भारत सरकार ने भी बांग्लादेश सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत को पूरी उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार वहां के कट्टरपंथियों पर लगाम लगाएगी और हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व उनके धार्मिक अधिकारों को पूरी तरह सुनिश्चित करेगी।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
JMBF के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में जैसे ही मंदिर परिसर में भव्य राम मूर्ति के निर्माण की बात सामने आई, स्थानीय इस्लामिक संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया:
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हिंसा के डर से रुका काम: कट्टरपंथियों ने विरोध रैलियां निकालीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सरकारी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। लगातार बढ़ते तनाव और सांप्रदायिक हिंसा के डर से आखिरकार मंदिर प्रशासन को 12 जून को मूर्ति का निर्माण कार्य बीच में ही रोकना पड़ा।
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संविधान का उल्लंघन: मानवाधिकार संगठन ने कहा कि सुरक्षा कारणों से निर्माण रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह घटना बांग्लादेश के अपने संविधान और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के आगे झुकी सरकार? भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण पर रोक; भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
लगातार निशाने पर हैं अल्पसंख्यक
यह कोई पहली घटना नहीं है; बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक अस्थिरता के बाद से ही धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं और उनके पूजा स्थलों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस सुरक्षा चूक को लेकर बार-बार अपनी चिंताएं दर्ज कराई हैं। गाइबांधा की यह हालिया घटना दिखाती है कि नई सरकार के आने के बाद भी वहां अल्पसंख्यकों के हालात में कोई खास सुधार नहीं हो सका है।








