वाशिंगटन/ब्रसेल्स |वैश्विक व्यापार युद्ध की आहट: ट्रंप का बड़ा धमाका, यूरोपीय संघ की गाड़ियों पर लगेगा 25% टैरिफ। दुनियाभर के बाजारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला ऐलान किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि अगले सप्ताह से यूरोपीय संघ (EU) से आयात होने वाली सभी कारों और ट्रकों पर 25% आयात शुल्क (टैरिफ) लगाया जाएगा। इस फैसले से न केवल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के भी डगमगाने की आशंका है।
वैश्विक व्यापार युद्ध की आहट: ट्रंप का बड़ा धमाका, यूरोपीय संघ की गाड़ियों पर लगेगा 25% टैरिफ
‘टर्नबेरी एग्रीमेंट’ हुआ धराशायी?
यह घोषणा इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि पिछले साल जुलाई में ही राष्ट्रपति ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच एक महत्वपूर्ण ट्रेड डील (जिसे टर्नबेरी एग्रीमेंट के रूप में देखा जा रहा था) पर सहमति बनी थी। इस नई घोषणा ने उस समझौते के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
ट्रंप का आरोप: समझौते का पालन नहीं कर रहा EU
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यूरोपीय संघ पर सीधा हमला बोला है:
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वायदा खिलाफी का आरोप: ट्रंप का कहना है कि यूरोपीय संघ पूरी तरह से सहमत व्यापार समझौते की शर्तों का पालन नहीं कर रहा है।
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अस्पष्ट आपत्तियां: हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि EU ने किन विशेष शर्तों का उल्लंघन किया है, लेकिन उनका कड़ा लहजा ट्रेड वॉर की शुरुआत का संकेत दे रहा है।
बाजार पर क्या होगा असर?
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महंगी होंगी गाड़ियां: जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों से अमेरिका आने वाली लग्जरी कारें और ट्रक अब आम जनता की जेब पर भारी पड़ेंगे।
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शेयर बाजार में गिरावट: घोषणा के तुरंत बाद वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया: ईयू के अधिकारियों ने अभी औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि ईयू भी जवाबी टैरिफ (Counter-Tariffs) लगाकर इसका जवाब दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह फैसला लागू होता है, तो यह ‘टर्नबेरी एग्रीमेंट’ के अंत की शुरुआत हो सकती है। वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच अमेरिका का यह ‘प्रोटेक्शनिस्ट’ (संरक्षणवादी) रुख अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव को और बढ़ाएगा।

