श्री कृष्ण छठी महोत्सव में बरसाने की संस्कृति की झलक राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजीं प्रस्तुतियां, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
श्री कृष्ण छठी महोत्सव में बरसाने की संस्कृति की झलक
राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजीं प्रस्तुतियां, भजनों पर झूमे श्रद्धाल
कटनी। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, कटनी द्वारा श्री कृष्ण छठी महोत्सव का भव्य एवं रंगारंग आयोजन किया गया। श्रद्धा, संस्कृति और मनोरंजन से सजे इस आयोजन में बरसाने की संस्कृति और श्रीकृष्ण की लीलाओं की मनमोहक झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आया।
महोत्सव की विशेषता रही कि संस्था के सदस्यों ने श्रीकृष्ण और राधा का स्वरूप धारण कर बरसाने की संस्कृति तथा कृष्ण लीलाओं को जीवंत कर दिया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में प्रथम पुरस्कार परी पुरुस्वानी तथा आंचल एवं कशिश पंजवानी ने प्राप्त किया, जबकि द्वितीय पुरस्कार कवि एवं सानिया पमनानी को मिला।
आयोजन में आमंत्रित अतिथियों एवं सदस्यों के दो वर्गों में रैंप वॉक प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रथम वर्ग में कशिश एवं आंचल पंजवानी ने प्रथम, कोमल एवं हितिशा बसेरा ने द्वितीय तथा कवि एवं सानिया पमनानी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरे वर्ग में सौम्या परियानी एवं मिष्टी तनवानी प्रथम, मानसी चेलानी एवं जिया गोधवानी द्वितीय तथा परी पुरुस्वानी एवं एकता उधवानी तृतीय स्थान पर रहीं।
श्रीकृष्ण छठी महोत्सव के अवसर पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। विजेताओं को सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए गए।
महोत्सव में नन्हे-नन्हे लड्डू गोपाल को सिर पर विराजमान कर विशेष आरती कराई गई। इस दृश्य ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में समाज की धर्मप्रेमी महिलाओं, बच्चों और परिवारों ने आयोजन में सहभागिता की।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भजन जैमिंग रहा। अक्षत सोनी, शुभम एवं शिवम गौतम महाराज ने मधुर भजनों की प्रस्तुतियां देकर ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु देर तक भक्ति में झूमते नजर आए। भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने महोत्सव को यादगार बना दिया।
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य समाज की संस्कृति, सभ्यता और धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना रहा। साथ ही बच्चों और युवाओं में धर्म, संस्कार एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति आस्था जागृत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बच्चों से लेकर वरिष्ठजनों तक सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
अंत में उपस्थितजनों ने स्वल्पाहार ग्रहण किया। प्रेम, भक्ति, संस्कृति और उल्लास से सजा श्रीकृष्ण छठी महोत्सव उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।








