पर्निका जैन को न्याय दिलाइए — एक बेटी की हत्या, एक परिवार की पुकार

कटनी। 28 अप्रैल 2025 को, हमारी बेटी और बहन, पर्निका जैन, वसंत कुंज, दिल्ली स्थित अपने घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। केवल 28 वर्ष की उम्र में, वह सपनों, संवेदनशीलता और जीवन से भरी हुई थी। मूल रूप से मध्यप्रदेश के कटनी की रहने वाली पर्निका ने अपने आत्मविश्वास और निडरता से जीवन की राह बनाई थी। वह डॉ. आयुष भदौरा से विवाहित थी — सफदरजंग अस्पताल के एक चिकित्सक — जिसने जीवन बचाने की शपथ ली थी, पर उसी ने उसका जीवन छीन लिया।

 

महीनों से पर्निका भावनात्मक और शारीरिक हिंसा की शिकार थी। उसका पति निरंतर उस पर संदेह करता, उस पर निराधार आरोप लगाता और उसे दोस्तों और परिवार से अलग करता रहा। मृत्यु से पहले भी उसने मामूली सोशल मीडिया पोस्ट पर कठोर विवाद किया और उसे तस्वीरें हटाने को मजबूर किया।

 

अपने भाई से पर्निका ने बताया था कि उसे मिलने-जुलने की अनुमति नहीं थी और उसके जीवन की हर बात पर नियंत्रण रखा जाता था। यह मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न और एक असहनीय माहौल था जिसमें वह धीरे-धीरे घुटती रही।

 

पर्निका एक मजबूत और निडर लड़की थी। वह कभी ऐसा सहने की हकदार नहीं थी। हमारा परिवार कभी सोच भी नहीं सकता था कि जो व्यक्ति प्रेम और सुरक्षा देने का वादा कर जीवन में आया था, वही उसका सबसे बड़ा शोषक बन जाएगा। अपने माता-पिता के सम्मान और विवाह की पवित्रता के नाम पर उसने चुप्पी साधी — जिसकी कीमत उसकी जान बनी।

 

हमारा परिवार, जो कटनी से दिल्ली पहुँचा, शुरू से ही दिल्ली पुलिस के असहयोग का सामना कर रहा है। पर्निका के पति का परिवार अत्यंत प्रभावशाली और संपन्न है। हमें गंभीर आशंका है कि उनकी पहुँच और पैसे के बल पर इस मामले की जाँच को प्रभावित किया जा सकता है। इसलिए निष्पक्ष और स्वतंत्र जाँच की माँग और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

 

आज हम, पर्निका के शोकाकुल परिवारजन, पूरे समाज से अपील करते हैं — अपनी बेटियों की आवाज़ सुनें। अगर कोई मदद मांगे, तो इसे हल्के में न लें। उनसे पूछें — क्या वे सुरक्षित हैं? उनकी बात गंभीरता से लें। जागरूकता ही जीवन और मृत्यु का फ़र्क कर सकती है।

हमारी माँगें स्पष्ट हैं: इस मामले की जाँच को तुरंत CBI या क्राइम ब्रांच जैसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाए।

अपराध स्थल को तत्काल सील कर फोरेंसिक परीक्षण किया जाए ताकि सबूत सुरक्षित रहें।

पर्निका की कहानी केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है — यह पूरे समाज के लिए चेतावनी है। हम सभी नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कानूनविदों, मीडिया संस्थानों और हर संवेदनशील व्यक्ति से निवेदन करते हैं — हमारे साथ खड़े हों और पर्निका जैन को न्याय दिलाने की आवाज़ बुलंद करें।

 

आपका साथ इस अंधकार को तोड़कर न्याय का उजाला ला सकता है। कृपया उसकी कहानी साझा करें और इस लड़ाई का हिस्सा बनें।

 

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