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कराची के लयारी में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर को मारी गोली; हालत गंभीर, फिर से गैंगवार का डर

नकाबपोशों ने उजैर बलोच के भाई जुबैर को घर के बाहर गोलियों से भूना; लयारी में दहशत का माहौल

कराची के लयारी में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर को मारी गोली; हालत गंभीर, फिर से गैंगवार का डर

कराची: पाकिस्तान के कराची शहर का कुख्यात और अशांत इलाका लयारी (Lyari) एक बार फिर गोलियों की गूंज से दहल उठा है। पीपुल्स अमन कमेटी के प्रमुख और पाकिस्तान की जेल में बंद गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच को गुरुवार शाम अज्ञात हमलावरों ने उनके घर के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां मार दीं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सैयद असद रजा के अनुसार, जुबैर के सीने और पेट में गोलियां लगी हैं और उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। उन्हें तुरंत शहर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस अंधाधुंध गोलीबारी में दो राहगीर भी घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार नकाबपोश हमलावर जवाबी फायरिंग के बाद मौके से फरार हो गए।

 जेल से रिहाई और फिर निशाने पर: आपसी रंजिश या गैंगवार?

  • 2012 में गिरफ्तारी: जुबैर बलोच को वर्ष 2012 के लयारी ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया था और बीते साल जनवरी में ही वह जेल से रिहा हुआ था।

  • राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ाव: लयारी के एक सामाजिक कार्यकर्ता के मुताबिक, जुबैर हाल ही में एक राजनीतिक दल में शामिल हुआ था और इलाके में पार्टी के झंडे लगवा रहा था।

  • विदेशों से गैंगस्टरों की वापसी का खौफ: स्थानीय निवासियों में चर्चा है कि ‘कराची ऑपरेशन’ के बाद दुबई और ईरान भाग चुके कई गैंगस्टर हालिया अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच वापस लयारी लौट आए हैं, जिससे क्षेत्र में पुराने गैंगवार के फिर से भड़कने की आशंका तेज हो गई है।

उजैर बलोच और लयारी का खूनी इतिहास

कराची का लयारी इलाका लंबे समय से आपराधिक गुटों, नशीले पदार्थों के कारोबार और गैंगवार का गढ़ रहा है:

  1. 2012 का ‘ग्रैंड ऑपरेशन’: वर्ष 2012 में पुलिस और सुरक्षा बलों ने लयारी में अपराधियों के खिलाफ 5 दिनों से अधिक समय तक ‘ग्रैंड ऑपरेशन’ चलाया था। इस हिंसक टकराव में 6 पुलिसकर्मियों समेत 20 लोगों की मौत हुई थी और लगभग 150 परिवारों को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा था।

  2. जासूसी और हत्या का दोषी उजैर बलोच: उजैर बलोच पर दर्जनों हत्याएं, पुलिस पर हमले और विस्फोटकों के इस्तेमाल के मामले दर्ज हैं। अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी के आरोप में 12 साल जेल की सजा सुनाई थी। हाल ही में मार्च में आतंकवाद विरोधी अदालत ने उसकी 7 मामलों में जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

पाकिस्तान पुलिस फिलहाल इस हमले को गैंगवार, आपसी दुश्मनी और राजनीतिक रंजिश समेत कई अन्य पहलुओं से जोड़कर जांच कर रही है।कराची के लयारी में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर को मारी गोली; हालत गंभीर, फिर से गैंगवार का डर

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