प्रेस-क्लब की आड़ में बस स्टैंड में खुल गया जुआ घर ?, तथाकथित लोग कर रहे संचालन..
प्रेस-क्लब की आड़ में बस स्टैंड में खुल गया जुआ घर ?, तथाकथित लोग कर रहे संचालन..
कटनी। एमपी के कटनी में बस स्टैंड क्षेत्र पर प्रेस-क्लब की आड़ में कुछ तथाकथित लोगों ने जुआंफड़ का संचालन शुरु कर दिया गया है। प्रेस क्लब के नाम पर चल रहे जुआंफड़ में शहर के जुआंडिय़ों का देर रात जमावड़ा लगा रहता है।
जबकि इस तरह के प्रेस क्लब का किसी भी पत्रकार संगठन से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन तथाकथित लोग संगठन का नाम आगे रखकर पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों तक को गुमराह कर रहे है।
इसके पहले जबलपुर में भी पत्रकारों के नाम पर इस तरह की अवैध गतिविधियों का संचालन हुआ था लेकिन पुलिस की रेड पड़ने के बाद इस पर विराम लग गया है। वहीं कुछ साल बाद अब जबलपुर के ही कुछ तथाकथित पत्रकारों का गिरोह कटनी के पुलिस व प्रशासन को गुमराह करके यहां प्रेस क्लब की आड़ में जुआं फड़ संचालित कर रहे हैं।
चर्चाओं मेें यह बात सामने आई है कि बस स्टैंड क्षेत्र में बस स्टैंड पुलिस चौकी से चंद कदमो की दूरी पर पिछले एक डेढ़ माह से प्रेस-क्लब की आड़ में चल रहे जुआंफड़ को बड़े ही सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा है। हमेशा की तरह सामने एक दो पूल की टेबिले लगा दी गई, कैरम बोर्ड रख दिए।
दूसरे रास्ते से जुआंडिय़ों की महफिल सजाई जा रही है। देर रात तक चलने वाले जुआंफड़ों के बारे में पुलिस अधिकारियों को खबर है लेकिन उन्हे पत्रकारों के संगठनों के लिए बैठने का स्थान बताकर गुमराह किया जा रहा है। यहां तक कि शहर के वरिष्ठों के नाम तक जोड़ दिए गए जबकि वरिष्ठों का इस तरह के जुआंफड़ों से कोई लेना देना नहीं है।
खबर यह भी जिन तथाकथित लोगों ने बड़े जुआंडिय़ों के साथ मिलकर प्रेस क्लब खोल है, इनका भी पत्रकारों से कोई लेना देना नही है, ये तथाकथित लोग पत्रकार संगठनों की फर्जी तरीके से सदस्यता लेकर उनके नाम का उपयोग कर इस तरह के घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहे है।
चर्चा तो यह तक है कि तथाकथित फर्जी पत्रकारों के इस गिरोह द्वारा शहर के और भी स्थानों पर प्रेस क्लब के नाम पर जुआंघर खोलने की तैयारी की जा रही है। फर्जी पत्रकारों के इस गिरोह के कारण एक बार फिर पत्रकारों की छबि धूमिल किए जाने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि इसके पहले जबलपुर में भी प्रेस क्लब की आड़ में चल रहे जुआंफड़ों पर पुलिस ने दबिश देकर बड़ा खुलासा किया था।
उस वक्त भी यह कहकर बचने की कोशिश की गई थी कि अनुमति लेकर संचालन किया जा रहा है लेकिन इस तरह कोई अनुमति कहीं से नहीं थी, वर्तमान में प्रेस क्लब की आड़ में चल रहे जुआंफड़ को कुछ तथाकथित लोगों द्वारा यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि अनुमति लेकर संचालन किया जा रहा है। यदि ऐसा ही चल रहा तो शहर के उन क्षेत्रों में भी प्रेस क्लब की आड़ में जुआंघर खोल लिए जाएगे, जो जगह आज पत्रकारों के नाम से जानी जा रही है।