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FSSAI का ‘फूड सेफ्टी एक्शन’: जब्त हुईं शराब की 18 हजार पेटियां, पिज्जा-बर्गर आउटलेट्स सील; ‘नेचुरल’ और ‘शुद्ध’ का दावा करने वाली कंपनियां फंसीं

अब पैक्ड फूड पर दिखेगा लाल निशान: ज्यादा चीनी, नमक और फैट वाले सामान पर FSSAI लगाएगा चेतावनी लेबल

अब पैक्ड फूड पर दिखेगा लाल निशान: ज्यादा चीनी, नमक और फैट वाले सामान पर FSSAI लगाएगा चेतावनी लेबल

FSSAI का ‘फूड सेफ्टी एक्शन’: जब्त हुईं शराब की 18 हजार पेटियां, पिज्जा-बर्गर आउटलेट्स सील; ‘नेचुरल’ और ‘शुद्ध’ का दावा करने वाली कंपनियां फंसीं

भारत का विशाल कंज्यूमर मार्केट, जिसकी अनुमानित वैल्यू लगभग 200 लाख करोड़ रुपये है, उस पर अब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नकेल कसनी शुरू कर दी है। बाजार में बिकने वाले नकली पनीर से लेकर शराब की बोतलों, रेस्टोरेंट की किचन की सफाई और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स तक पर नियमों का डंडा चल रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, FSSAI के इस सख्त रुख से कंपनियों की कमाई पर भले ही तुरंत बहुत बड़ा असर न पड़े, लेकिन कारोबार चलाने की लागत (Cost of Doing Business) तेजी से बढ़ेगी।FSSAI का ‘फूड सेफ्टी एक्शन’: जब्त हुईं शराब की 18 हजार पेटियां, पिज्जा-बर्गर आउटलेट्स सील; ‘नेचुरल’ और ‘शुद्ध’ का दावा करने वाली कंपनियां फंसीं

शराब कंपनियों और FMCG ब्रांड्स पर तगड़ी गाज

नियमों की सबसे पहली और बड़ी गाज शराब बनाने वाली कंपनियों पर गिरी है:

रेस्टोरेंट और फूड डिलीवरी ऐप्स पर सीलिंग की कार्रवाई

खान-पान की जगहों पर गुणवत्ता जांच के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं:

किसकी जेब पर पड़ेगा असली बोझ?

विशेषज्ञों के अनुसार, टेस्टिंग, पैकेजिंग में बदलाव और कानूनी प्रक्रियाओं पर कंपनियों का खर्च बढ़ने वाला है। शुरुआत में कंपनियां और बाजार मिलकर इस बढ़े हुए खर्च को संभालेंगे, लेकिन अंततः इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। शुद्ध और सुरक्षित खान-पान के लिए आने वाले समय में उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। 200 लाख करोड़ के कंज्यूमर बाजार पर FSSAI का शिकंजा: नकली पनीर, शराब और रेस्टोरेंट की कड़ाई से बढ़ेगी लागत; जानिए ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर

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