FSSAI का बड़ा एक्शन: ‘फोकस और एनर्जी’ बढ़ाने का दावा करने वाली 6 एनर्जी ड्रिंक कंपनियों समेत 14 ब्रांड्स को नोटिस, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक
FSSAI का बड़ा एक्शन: 'फोकस और एनर्जी' बढ़ाने का दावा करने वाली 6 एनर्जी ड्रिंक कंपनियों समेत 14 ब्रांड्स को नोटिस, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक
FSSAI का बड़ा एक्शन: ‘फोकस और एनर्जी’ बढ़ाने का दावा करने वाली 6 एनर्जी ड्रिंक कंपनियों समेत 14 ब्रांड्स को नोटिस, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक
नई दिल्ली: देश में युवाओं के बीच ‘क्विक फिक्स’ के रूप में मशहूर हो चुके एनर्जी ड्रिंक्स और कथित तौर पर ‘हेल्दी’ फूड बेचने वाले ब्रांड्स अब फूड रेगुलेटर के रडार पर हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भ्रामक विज्ञापनों, झूठे दावों और पैकेजिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई की है।
नियामक ने पिछले 20 दिनों के भीतर 14 बड़ी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिनमें 6 प्रमुख एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स भी शामिल हैं।
“फोकस और एनर्जी बढ़ाना” जैसे दावों पर FSSAI सख्त
FSSAI ने साफ किया है कि एनर्जी ड्रिंक्स कंपनियों द्वारा किए जाने वाले कई फंक्शनल और थेराप्यूटिक (उपचारात्मक) दावे वैज्ञानिक मानकों पर सही नहीं हैं। रेगुलेटर ने अपने नोटिस में सख्त लहजे में कहा है कि:
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“शरीर और दिमाग को ताजगी देना”, “फोकस बढ़ाना”, “एनर्जी लेवल बढ़ाना” या “सामान्य कमजोरी दूर करना” जैसे दावे नियमों के खिलाफ हैं।
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बिना पुख्ता वैज्ञानिक सबूतों के कंपनियां ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं को गुमराह नहीं कर सकती हैं।
इससे पहले 14 जून 2026 को भी FSSAI ने इमामी हेल्दी एंड टेस्टी, द हेल्थ फैक्ट्री, ट्रूवी, हेल्दी मास्टर, हेल्दी चॉइस, प्लान बी और न्यूहर्ब्स जैसे नामचीन ब्रांड्स पर शिकंजा कसा था। इन कंपनियों पर ‘जीरो मैदा’ बताकर बेची गई ब्रेड में ग्लूटेन मिलने और बिना मानकों के ‘हेल्दी’ टैग का इस्तेमाल करने के आरोप हैं।
क्या हैं FSSAI के कड़े नियम?
‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006’ के तहत कोई भी कंपनी निम्नलिखित नियमों की अनदेखी नहीं कर सकती:
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मेडिकल और फंक्शनल दावे: किसी भी प्रोडक्ट को ‘दिमाग तेज करने वाला’ या ‘तुरंत एनर्जी देने वाला’ बताने से पहले FSSAI से वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर मंजूरी लेना अनिवार्य है।
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भ्रामक नामकरण: ब्रांड का नाम ऐसा नहीं हो सकता जिससे ग्राहकों को गलतफहमी हो। अगर नाम में ‘हेल्दी’ लिखा है, तो उसे स्वास्थ्य मानकों पर खरा उतरना होगा।
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वीगन सर्टिफिकेशन: किसी भी प्रोडक्ट को ‘वीगन’ (Vegan) बताने के लिए FSSAI से विशेष लाइसेंस लेना आवश्यक है।
भारत में कितना बड़ा है एनर्जी ड्रिंक का बाजार?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, शहरों में बढ़ती युवा आबादी और आईटी/गिग वर्कफोर्स के चलते भारत में इसका बाजार बहुत बड़ा हो चुका है।
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भारतीय बाजार की वैल्यू: मॉर्डर इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का एनर्जी ड्रिंक मार्केट फिलहाल ₹7,164 करोड़ से ₹14,328 करोड़ ($0.75 बिलियन से $1.5 बिलियन) का है। FSSAI का बड़ा एक्शन: ‘फोकस और एनर्जी’ बढ़ाने का दावा करने वाली 6 एनर्जी ड्रिंक कंपनियों समेत 14 ब्रांड्स को नोटिस, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक
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वैश्विक स्तर पर धमाका: ग्रैंड व्यू रिसर्च के अनुसार, वैश्विक एनर्जी ड्रिंक इंडस्ट्री फिलहाल करीब 8.1 से 8.8 लाख करोड़ रुपये ($85 से $92 बिलियन) की है, जिसके साल 2033 तक बढ़कर ₹15.1 लाख करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है।
युवाओं में खतरनाक स्तर पर खपत
आंकड़ों के मुताबिक, भारत में लगभग एक-तिहाई वयस्क (34%) नियमित तौर पर एनर्जी ड्रिंक्स पीते हैं। इनमें 18-34 साल के पुरुषों की संख्या लगभग 45% है। करीब 30 से 40 फीसदी किशोर और कॉलेज जाने वाले छात्र पढ़ाई के दौरान जागने, खेलकूद या रील्स/गेमिंग के चक्कर में महीने में 1 से 5 कैन आसानी से गटक रहे हैं, जो उनकी सेहत के लिए एक बड़ा रिस्क बनता जा रहा है।
एक्सपर्ट्स की राय: FSSAI की इस कार्रवाई के बाद अब कंपनियों को अपनी पैकेजिंग से भ्रामक वादे हटाने होंगे। उपभोक्ताओं को भी सलाह दी जाती है कि वे आकर्षक पैकेजिंग और आक्रामक मार्केटिंग के बहकावे में न आएं और प्रोडक्ट के पीछे लिखे न्यूट्रिशन फैक्ट्स को जरूर पढ़ें।








