अनाथ से अमेरिकी संसद तक आयशा: कैलिफोर्निया में प्रोग्रेसिव नेता वहाब ने रचा इतिहास, बनीं पहली अफगान-अमेरिकी सांसद
माता-पिता को खोया, घर हुआ नीलाम... फिर भी नहीं मानी हार- जानें कौन हैं आयशा वहाब, जिन्होंने अमेरिका में रचा नया इतिहास
अनाथ से अमेरिकी संसद तक आयशा: कैलिफोर्निया में प्रोग्रेसिव नेता वहाब ने रचा इतिहास, बनीं पहली अफगान-अमेरिकी सांसद
कैलिफोर्निया में हुए विशेष (उप) चुनाव में 39 वर्षीय प्रोग्रेसिव डेमोक्रेट आयशा वहाब ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। वह अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली पहली अफगान-अमेरिकी सदस्य बन गई हैं। इस चुनाव में उन्होंने अपनी ही पार्टी की उम्मीदवार मेलिसा हर्नांडेज को 53.1% वोटों से शिकस्त दी।
यह सीट पूर्व कांग्रेसी एरिक स्वैलवेल के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। आयशा वहाब इस पद पर जनवरी तक सेवाएं देंगी।
अनाथ होने से अमेरिकी संसद तक: आयशा का संघर्षपूर्ण सफर
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बचपन का संकट: न्यू यॉर्क के क्वींस में जन्मीं आयशा का बचपन बेहद मुश्किलों भरा रहा। छोटी उम्र में ही उनके पिता की हत्या हो गई और कुछ ही समय बाद मां का भी साया उठ गया। इसके बाद कैलिफोर्निया के एक दंपति ने उन्हें गोद लिया।
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उच्च शिक्षा: उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में डिग्री हासिल की, जिसके बाद MBA और सोशल वर्क में डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की।
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2011 का आर्थिक संकट: साल 2011 में उनके परिवार पर फिर विपत्ति आई। घर जब्त हो गया, पिता की तबीयत बिगड़ी और उनकी नौकरी भी चली गई। इसके बाद वे हेवर्ड (Hayward) चले गए, जहाँ उन्होंने किफायती आवास (Affordable Housing) की मांग को लेकर आवाज उठानी शुरू की। अनाथ से अमेरिकी संसद तक आयशा: कैलिफोर्निया में प्रोग्रेसिव नेता वहाब ने रचा इतिहास, बनीं पहली अफगान-अमेरिकी सांसद
राजनीतिक सफर और प्रमुख उपलब्धियां
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2018 (सिटी काउंसिल): आयशा ने हेवर्ड सिटी काउंसिल का चुनाव जीतकर प्रशासनिक राजनीति में कदम रखा।
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2022 (स्टेट लेजिस्लेचर): कैलिफोर्निया स्टेट लेजिस्लेचर के लिए चुनी जाने वाली वे पहली अफगान-अमेरिकी और पहली मुस्लिम महिला बनीं।
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प्रमुख चुनावी मुद्दे: उन्होंने ‘सबके लिए मेडिकेयर’, अरबपतियों पर उच्च कर, स्टूडेंट लोन माफी और कॉर्पोरेट प्रभाव को कम करने जैसे मजबूत प्रोग्रेसिव और वामपंथी एजेंडे पर प्रचार किया था।
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व्हाइट हाउस में प्रतिनिधित्व: वे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के लिए सक्रिय रही हैं। उन्हें ‘व्हाइट हाउस राउंडटेबल ऑफ अफगान-अमेरिकन लीडर्स’ में भी शामिल किया जा चुका है। माता-पिता को खोया, घर हुआ नीलाम… फिर भी नहीं मानी हार- जानें कौन हैं आयशा वहाब, जिन्होंने अमेरिका में रचा नया इतिहास








