ग्वालियर। मुरार में ठगी का मामला सामने आया है। रुपये दोगुने करने का झांसा देकर बुजुर्ग को बातों में उलझाया और उनकी सोने की अंगूठी उतरवा ली गई। मुरार थाना पुलिस ने जनभागीदारी CCTV कैमरों की मदद से चंद घंटों में आगरा के तीन ठगों को गिरफ्तार कर लिया।
सात नंबर चौराहे के पास हुई वारदात
गोला का मंदिर स्थित आदर्श कॉलोनी निवासी रामप्रकाश दुबे 14 अक्टूबर की शाम मुरार बाजार से सब्जी लेकर लौट रहे थे। तभी सात नंबर चौराहे के पास दो बाइक पर सवार तीन युवकों ने पता पूछने के बहाने उन्हें रोक लिया।
पर्चियों और रुपयों का खेल, अंगूठी लेकर फरार
आरोपी आपस में पर्चियों और रुपयों का लेन-देन कर रुपये दोगुने होने की बात करने लगे। उन्होंने रामप्रकाश को भी इसी जाल में फंसाया और सोने की अंगूठी की दोगुनी कीमत देने का झांसा दिया। बुजुर्ग झांसे में आ गए और अंगूठी सौंप दी। जब उन्होंने अंगूठी वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करते हुए मौके से फरार हो गए। इसके बाद रामप्रकाश ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
जनभागीदारी CCTV कैमरों से मिला सुराग
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग करते हुए घटनास्थल के आसपास जनभागीदारी से लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान हुई और पुलिस ने कोतवाली संतर वाली गली से घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया।
मुरार में ठगी का तरीका: बुजुर्ग और लालची लोग थे निशाना: बुजुर्ग और लालची लोग थे निशाना
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सड़क पर मुख्य रूप से बुजुर्गों और लालची प्रवृत्ति के लोगों को निशाना बनाते थे। वे आपस में अजनबी बनकर पर्ची निकालते और एक-दूसरे को सौ के दो सौ और पांच सौ के हजार रुपये देकर दिखावा करते थे। इस झांसे में आकर पीड़ित अपना कीमती सामान दोगुना करने के चक्कर में उन्हें सौंप देते थे और आरोपी फरार हो जाते थे।
होटल में रुके थे: आरोपी नई सड़क स्थित एक होटल में कमरा बुक कर रुके थे और वारदात के बाद वहीं लौट जाते थे।
गिरफ्तार आरोपी
तनुज गोस्वामी (50 वर्ष), पुत्र स्व. पूरन चन्द गोस्वामी, निवासी रूई की मंडी, जिला आगरा
गोपाल गोस्वामी (55 वर्ष), पुत्र स्व. पूरन चन्द गोस्वामी, निवासी सदर, आगरा
दिनेश गोस्वामी (48 वर्ष), पुत्र स्व. किशन चन्द गोस्वामी, निवासी ग्राम बोदला, जिला आगरा
“रुपये दोगुने करने का झांसा देकर बुजुर्ग से ठगी हुई थी। चंद घंटों में ही तीनों आरोपियों को पकड़ लिया है। तीनों आगरा के रहने वाले हैं।”
— गोविंद बगौली, थाना प्रभारी, मुरार
मुरार में ठगी जैसे मामलों में लोग क्यों फंसते हैं
इस तरह की ठगी में आरोपी भीड़भाड़ वाली जगहों पर अजनबी बनकर आपस में पैसों का दिखावटी लेन-देन करते हैं। आम लोग यह देखकर भरोसा कर लेते हैं कि सच में रुपये दोगुने हो रहे हैं। यही भरोसा ठगों का सबसे बड़ा हथियार बनता है। बुजुर्ग लोग जल्दी भरोसा कर लेते हैं, इसलिए वे आसानी से निशाना बन जाते हैं।
परिवार के लोग बुजुर्गों को यह जरूर समझाएं
कोई भी सड़क पर पैसा या सोना दोगुना नहीं करता। ऐसा हर प्रस्ताव ठगी है।
अजनबी को गहने उतारकर न दें, न हाथ में पकड़ाएं।
पता पूछने के बहाने कोई रोके तो रुकें नहीं, भीड़ वाली जगह की तरफ बढ़ें।
ठगी हो जाए तो तुरंत डायल 112 पर कॉल करें या थाने जाएं। जल्दी शिकायत होने पर पुलिस को CCTV फुटेज मिलना आसान होता है।
मुरार में ठगी का यह मामला बताता है कि सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।













