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पहली वार्ता, पहला इशारा: पुतिन बोले-I am here to help you

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पहली वार्ता, पहला इशारा: पुतिन बोले-I am here to help you। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद पहली बार दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय निकटता का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ट्रंप से मिलते ही उन्होंने उनसे ऐसे बात की जैसे वे उनके पड़ोसी हों. प्लेन से उतरने के बाद पुतिन ने ट्रंप से हाथ मिलाते हुए कहा, ‘गुड आफ्टरनून मेरे प्यारे पड़ोसी, आपको स्वस्थ और जीवित देखकर बहुत अच्छा लगा।

 

पहली वार्ता, पहला इशारा: पुतिन बोले-I am here to help you

पुतिन ने ये बातें ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले के संदर्भ में कहीं. पुतिन ने कहा, ‘हमारी बातचीत एक रचनात्मक और सम्मानजनक माहौल में हुई, जो बेहद उपयोगी रही. मैं अलास्का आने के प्रस्ताव के लिए अपने अमेरिकी समकक्ष को एक बार फिर धन्यवाद देना चाहता हूं. हम यहां मिले क्योंकि हमारे देश अलग-अलग हैं, हम एक-दूसरे से भी बहुत अलग हैं, लेकिन हम जब भी मिले, तो हमने एक-दूसरे के लिए कुछ अच्छी बातें कहीं।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन 10 साल बाद अमेरिका पहुंचे थे. एयरपोर्ट पर जब ट्रंप और पुतिन मिले, तो ऊपर से अमेरिकी सैन्य विमानों का एक दस्ता गुजरा, जिसमें लड़ाकू जेट और एक B-2 स्टील्थ बॉम्बर भी शामिल था. ट्रंप ने पुतिन से हाथ मिलाया और अपनी गाड़ी तक लेकर गए, जिसका नाम ‘द बीस्ट’ था. पुतिन अपने रूसी काफिले में यात्रा करने के बजाय ‘द बीस्ट’ में ट्रंप के साथ शामिल हुए.

ट्रंप की आलोचना हुई

ट्रंप-पुतिन की मुलाकात करीब 3 घंटे चली. इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की तारीफ की. पुतिन के लिए लाल कालीन बिछाने, उन्हें पहले बोलने देने और किसी समझौते न पहुंच पाने के लिए ट्रंप की आलोचना भी हुई. पुतिन युद्धविराम पर भी सहमत नहीं हुए, जिसकी ट्रंप को उम्मीद थी.

पुतिन बोले- ट्रंप राष्ट्रपति होते तो जंग होती ही नहीं

अलास्का में ट्रंप के साथ हुई बातचीत के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अगर 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होते तो यूक्रेन के साथ ये संघर्ष शुरू ही नहीं होता. पुतिन ने कहा कि अमेरिका और रूस के संबंधों के लिए पिछला दौर मुश्किल रहा है और अब स्थिति को सुधारना बेहद जरूरी है.

 

 

 

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