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बहोरीबंद के राखी गांव में तेंदुए का खौफ: 15 दिनों से दहशत में ग्रामीण, 4 साल का बच्चा बाल-बाल बचा

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कटनी बहोरीबंद तहसील के राखी ग्राम पंचायत राखी इन दिनों तेंदुए की दहशत के साए में जी रही है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब 15 दिनों से तीन से चार तेंदुए की लगातार आवाजाही गांव और आसपास के इलाकों में देखी जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए अब तक बकरियों, गायों और भैंसों पर कई बार हमला कर चुका हैं, जिससे पशुपालकों को नुकसान झेलना पड़ा है। लेकिन 5 तारीख की घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।

खेत की झोपड़ी में घुसा तेंदुआ, मासूम की जान बाल-बाल बची

शकुन भाई आदिवासी ने बताया कि उनका 4 साल का बच्चा खेत में बनी झोपड़ी में सो रहा था, तभी अचानक तेंदुए की आहट हुई। जैसे ही परिवार की नजर पड़ी, तेंदुआ झोपड़ी में घुस आया और अंदर बैठ गया। मौके पर 8 से 10 ग्रामीण एकजुट होकर पहुंचे और शोर मचाया, तब कहीं जाकर तेंदुआ वहां से भागा। ईश्वर की कृपा से बच्चा तेंदुए की चपेट में आने से बच गया।

घुनोर की घटना से और बढ़ा डर

आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही विजयराघवगढ़ क्षेत्र के ग्राम घुनोर में तेंदुए ने एक मासूम बच्चे पर हमला कर उसकी मौत कर दी थी। इस दर्दनाक घटना के बाद राखी गांव सहित आसपास के इलाकों में डर और ज्यादा बढ़ गया है।

कई गांवों और पहाड़ी इलाकों में तेंदुओं की हलचल

ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ सुरुआई भाटिया, चरखी भाटिया, बुढ़ार बड़ा पहाड़, गुल्ला, पावर हाउस से लेकर रमईया बाबा कुटी तक लगातार देखे जा रहे हैं। महिलाएं और बच्चे घर से निकलने में डर रहे हैं।

वन विभाग से कार्रवाई की मांग

लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने जनपद सदस्य के साथ वन विभाग को लिखित आवेदन सौंपा और तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ने की मांग की। ग्रामीणों ने चेताया है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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