अमेरिका में मुस्लिम सांसद इल्हान उमर के घर पर FBI-DHS की छापेमारी, 17 सामान जब्त; अब छोड़ेंगी वॉशिंगटन वाला घर
वॉशिंगटन। अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी से प्रसिद्ध मुस्लिम सांसद इल्हान उमर के वॉशिंगटन डीसी स्थित निजी आवास पर संघीय जांच एजेंसियों (FBI और होमलैंड सिक्योरिटी) ने अचानक छापेमारी की है। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा कारणों और लोगों के बढ़े ध्यान के चलते इल्हान उमर ने अपना वॉशिंगटन वाला घर छोड़ने का बड़ा फैसला लिया है। जांच एजेंसियों का यह एक्शन उनके परिवार के आव्रजन (इमिग्रेशन) दस्तावेजों में संभावित धोखाधड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है।
सुबह 6 बजे मारा छापा, फोन-कैमरा और बच्चों की किताबें जब्त
MS NOW को दिए विशेष इंटरव्यू में इल्हान उमर ने छापेमारी के घटनाक्रम की जानकारी दी:
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4-5 घंटे तक चली तलाशी: सुबह करीब 6 बजे होमलैंड सिक्योरिटी के अधिकारियों ने उनके दरवाजे पर दस्तक दी। सर्च वारंट के साथ पहुंचे अधिकारियों ने करीब 5 घंटे तक घर की तलाशी ली।
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17 सामान जब्त: जांच अधिकारी सांसद के घर से 17 चीजें अपने साथ ले गए, जिनमें फोन, पर्सनल नोटबुक, सोमाली भाषा में बच्चों की एक किताब और उनके पति का एक पुराना कैमरा शामिल है। अमेरिका में मुस्लिम सांसद इल्हान उमर के घर पर FBI-DHS की छापेमारी, 17 सामान जब्त; अब छोड़ेंगी वॉशिंगटन वाला घर
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समन जारी: सूत्रों के मुताबिक, उनके परिवार के कुछ सदस्यों को ग्रैंड जूरी के सामने पेश होने के समन भी थमाए गए हैं।
“12 साल की बच्ची पर साजिश का आरोप हास्यास्पद”: इल्हान उमर
इल्हान उमर ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। सोमालिया में जन्मीं इल्हान 12 साल की उम्र में शरणार्थी के रूप में अमेरिका आई थीं और वर्ष 2000 में अमेरिकी नागरिक बनी थीं।
उमर ने तंज कसते हुए कहा:
“12 साल की एक शरणार्थी बच्ची पर यह आरोप लगाना कि उसने अमेरिका आने के लिए इमिग्रेशन विभाग को धोखे में रखने की इतनी बड़ी साजिश रची, पूरी तरह बेतुका और हास्यास्पद लगता है। मुझे पूरा भरोसा है कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।”
चुनाव से ठीक पहले कार्रवाई: डोनाल्ड ट्रंप और एजेंसियों पर सवाल
इल्हान उमर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचक रही हैं। आगामी 3 नवंबर को अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) से ठीक कुछ सप्ताह पहले हुई इस छापेमारी पर डेमोक्रेटिक सांसदों ने न्याय विभाग और ट्रंप प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
अमेरिकी न्याय विभाग की यह परंपरा रही है कि चुनाव से ठीक पहले उम्मीदवारों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से ऐसी आक्रामक जांच से बचा जाता है, ऐसे में इस छापेमारी की टाइमिंग को लेकर अमेरिका की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है।

