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किसान भाई ध्यान दें: फार्मर रजिस्ट्री में जोड़ें अपने सभी खसरे, वरना नहीं मिलेगी पूरी खाद और फसल खरीदी का लाभ; कलेक्टर की बड़ी अपील

pm kisan yojna

किसान भाई ध्यान दें: फार्मर रजिस्ट्री में जोड़ें अपने सभी खसरे, वरना नहीं मिलेगी पूरी खाद और फसल खरीदी का लाभ; कलेक्टर की बड़ी अपील। 6): कटनी जिले में कृषि सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के समस्त किसान भाइयों से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा है कि सभी किसान समय रहते फार्मर रजिस्ट्री में अपनी आईडी के साथ अपने मालिकाना हक वाले सभी खसरों और बकेट को अनिवार्य रूप से लिंक (जोड़) कर लें।

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किसान भाई ध्यान दें: फार्मर रजिस्ट्री में जोड़ें अपने सभी खसरे, वरना नहीं मिलेगी पूरी खाद और फसल खरीदी का लाभ; कलेक्टर की बड़ी अपील

भविष्य में किसानों को मिलने वाला खाद वितरण, समर्थन मूल्य पर फसल उपार्जन (खरीदी) और अन्य तमाम शासकीय कृषि योजनाओं का निर्धारण पूरी तरह से इसी फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज डेटा के आधार पर ऑटोमैटिक किया जाएगा।

लापरवाही पर नुकसान: कम खसरे जोड़े तो मिलेगा सीमित लाभ

कलेक्टर श्री तिवारी ने किसानों को आगाह करते हुए एक तकनीकी पहलू को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान के पास कुल 5 खसरे (जमीन के टुकड़े) हैं, लेकिन उसने लापरवाही वश अपने बकेट में केवल 2 ही खसरे जोड़े हैं, तो सॉफ्टवेयर उसके रिकॉर्ड में उपलब्ध उसी सीमित रकबे (जमीन) को सही मानेगा।

ऐसी स्थिति में किसान को उसी सीमित रकबे के हिसाब से कम मात्रा में खाद का कोटा आवंटित होगा और फसल खरीदी के समय भी उसका सीमित अनाज ही तौला जाएगा। इस प्रशासनिक और तकनीकी चूक के कारण किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसलिए सभी किसान अपनी पूरी जमीन की जानकारी को अपडेट कराएं।

बकेटिंग में बहोरीबंद तहसील जिले में नंबर-1

जिले में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया गया कि कटनी जिले में कुल चिन्हित बकेट की संख्या 7 लाख 4 हजार 972 है। इसमें से अब तक किसानों द्वारा 2 लाख 25 हजार 169 बकेट क्लेम किए जा चुके हैं, जिसके साथ जिले की कुल प्रगति 31.94 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस अभियान में बहोरीबंद तहसील 38.34 फीसदी काम पूरा करके जिले में सबसे शीर्ष (टॉप) पर बनी हुई है।

किसान भाई खुद या केंद्र पर जाकर ऐसे करें अपडेट:

किसानों की सहूलियत के लिए जिला प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाया है:

  1. खुद के मोबाइल से: किसान अपने स्मार्टफोन पर ‘फार्मर रजिस्ट्री ऐप’ डाउनलोड करके घर बैठे इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

  2. वेबसाइट के जरिए: शासन की आधिकारिक वेबसाइट http://www.mpfr.agristack.gov.in पर जाकर भी बकेट और खसरे की जानकारी खुद दर्ज की जा सकती है।

  3. सहायता केंद्र: जो किसान खुद अपडेट नहीं कर पा रहे हैं, वे अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र (LSK), स्थानीय शिक्षित युवाओं, या अपने क्षेत्र के राजस्व (पटवारी) एवं कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों की मदद ले सकते हैं।

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि इस कार्य को पूरी गंभीरता से समय रहते पूरा कराएं, ताकि आगामी सीजन में खाद वितरण और फसल उपार्जन के समय किसी भी प्रकार की असुविधा या दफ्तरों के चक्कर काटने से बचा जा सके।

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