Expose: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का बड़ा फैसला; जज के खिलाफ ‘गंदा कंटेंट’ फैलाने वालों पर होगी जेल- दिल्ली HC शुरू करेगा अवमानना की कार्रवाई। दिल्ली आबकारी नीति मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी हुए अरविंद केजरीवाल और अन्य 23 लोगों के खिलाफ CBI की याचिका पर सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आज अपना सख्त रूप दिखाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वह अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही मानहानिकारक और अपमानजनक सामग्री को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी।
Expose: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का बड़ा फैसला; जज के खिलाफ ‘गंदा कंटेंट’ फैलाने वालों पर होगी जेल- दिल्ली HC शुरू करेगा अवमानना की कार्रवाई
“मैं चुप नहीं रह सकती” – जज की खुली चेतावनी
सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि उनका इरादा अदालत की मदद के लिए एमिकस क्यूरी (Amicus Curiae) नियुक्त करने का था, लेकिन इस बीच उनके संज्ञान में ऐसी सामग्री आई जिसने सीमाएं लांघ दीं।
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कोर्ट की टिप्पणी: जज ने खुली अदालत में कहा, “आज मुझे एमिकस के नामों की घोषणा करनी थी, लेकिन मेरे ध्यान में आया है कि कुछ रेस्पोंडेंट ने मेरे खिलाफ बहुत ही अपमानजनक कंटेंट पोस्ट किया है। मैं ऐसे आरोपों के सामने चुप नहीं रह सकती।”
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सख्त आदेश: जस्टिस शर्मा ने घोषणा की कि वह उन लोगों और रेस्पोंडेंट के खिलाफ अदालत की अवमानना (Contempt of Court) की कार्रवाई शुरू करेंगी जिन्होंने न्यायपालिका की छवि खराब करने की कोशिश की है। शाम 5 बजे इस संबंध में एक विस्तृत आदेश (Detailed Order) पारित किया जाएगा।
जज के खिलाफ क्या था सोशल मीडिया ‘कैंपेन’?
आबकारी नीति मामले की सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को निशाना बनाया गया था।
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निजी हमले: आरोप है कि कुछ पक्षों द्वारा जज के बच्चों के केंद्र सरकार के पैनल में वकील होने का हवाला देकर उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए।
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राजनीतिक एजेंडा: सोशल मीडिया पर मीम्स और पोस्ट के जरिए जज को विशेष राजनीतिक विचारधारा (BJP/RSS) से प्रभावित बताकर बदनाम किया गया।
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दुर्भावनापूर्ण पोस्ट: कई पोस्ट में जज की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा पर भी हमला किया गया, जिसे कोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है।
CBI की याचिका पर क्या है मामला?
CBI ने निचली अदालत द्वारा अरविंद केजरीवाल और अन्य को बरी किए जाने के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इसी मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच कर रही है। कोर्ट का यह कड़ा रुख उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अदालती कार्यवाही को सोशल मीडिया के जरिए प्रभावित करने या जजों को डराने की कोशिश करते हैं।

