कैमोर (राजा दुबे Exclusiv) मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश और मध्यप्रदेश ग्रह मंत्रालय से प्राप्त आदेशों के तहत जिले के थाना क्षेत्रों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा। इस सम्बंध में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के सुझाव आमंत्रित कर बैठकों में विचार विमर्श हो रहा। एक बैठक का आयोजन किया जा चुका है। विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारियों की मौजूदगी में दूसरी बैठक का आयोजन कल 15 फरवरी को होना है।
थाना क्षेत्रों के सीमा निर्धारण में केवल जिले के भीतर की सीमाओं को लेकर ही विचार हो रहा जबकि जिले की सीमा के बाहर भी कुछ ग्रामो को लेकर बड़ी विसंगतियां हैं। उदाहरण के लिए जिले के कैमोर थाना क्षेत्र का ग्राम सुरमा पहाड़ के दूसरी ओर अमदरा थाने की सीमा से बिलकुल लगा है। सुरमा ग्राम तक पहुंचने का रास्ता झुकेही – अमदरा होकर जाता है।
इस प्रकार कैमोर पुलिस को सुरमा ग्राम तक पहुंचने के लिए लगभग 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इसके ठीक उलट मैहर जिले का ग्राम भटूरा है जो बदेरा थाना क्षेत्र की सीमा में आता है। इसकी थाना मुख्यालय से दूरी लगभग 35 किलोमीटर है जबकि भटूरा ग्राम कैमोर थाने से एकदम नजदीक है। सबसे बड़ी विसंगति तो यह है कि भटूरा से आगे मैहर की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित ग्राम पडरेही, जमुआनी आदि कैमोर थाने की सीमा में आते हैं पर पहले पड़ने वाला ग्राम भटूरा बदेरा थाने के अंर्तगत है।
सुरमा और भटूरा ग्रामो की अपने – अपने थाना मुख्यालयों से दूरी 30 से 40 किलोमीटर तक है जिससे न केवल पुलिस को इन ग्रामो तक पहुंचने में परेशानी होती है बल्कि आम लोगों के लिए भी अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। वर्तमान में कैमोर थाने से केवल ग्राम सिमरिया को विजयराघवगढ़ थाने में शामिल किए जाने का सुझाव है इसमें सुरमा और भटूरा के सुझाव को भी शामिल किया जाना चाहिये तभी थानों के युक्तियुक्तकरण सही तरीके से हो पायेगा।

