जालंधर। महानगर में महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नजर नहीं आ रही हैं। न तो वे घर में सुरक्षित हैं और न ही बाजार व गली मोहल्लों में। स्नैचिंग की 90 प्रतिशत वारदातें महिलाओं के साथ ही हो रही हैं। यही नहीं रेप के लगातार बढ़ते केस भी महिलाओं की सुरक्षा के प्रति चिंता व्यक्त करते हैं। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को रोकने के लिए पुलिस कमिश्रर पी.के. सिन्हा ने अहम फैसला लिया है।
अब कमिश्ररेट पुलिस के सभी थानों में लेडी सब इंस्पैक्टर की तैनाती कर दी गई है। महिलाओं के खिलाफ जब भी महानगर में कोई अपराध होता था तो वह डर के मारे थाने में शिकायत तक दर्ज नहीं करवाने जाती थी। कारण था कि शहर के सभी थानों की कमान पुरुष पुलिस मुलाजिमों के हाथ में होती थी और महिलाओं को थाने में उपयुक्त माहौल नहीं मिल पाता था। ऐसे में थानों से महिलाओं को न्याय मिलना भी दूर की बात होती थी, जिस कारण अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे थे, क्योंकि वारदात के बाद थाने में शिकायत दर्ज नहीं हो पाती थी तो अपराधियों की धरपकड़ पर भी नहीं हो पाती थी। ऐसे में अब सभी थानों की कमान जब लेडी सब इंस्पैक्टर के हाथ में आ चुकी है तो वहीं साथ ही भारी तादाद में महिला पुलिस मुलाजिमों की तैनाती भी अब थानों में की जा रही है। पहले ट्रेनिंग के तौर पर इन महिला मुलाजिमों की तैनाती फील्ड में की गई थी। महिला पुलिस मुलाजिमों की थानों में तैनाती होने से अब अपराध का शिकार हुई महिलाओं बेधड़क अपनी शिकायत दर्ज करवाने थाने में जा सकेंगी।
अपराध की दुनिया में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
अपराध की दुनिया में भी महिलाओं की लगातार बढ़ती भागीदारी के कारण थानों में महिला पुलिस मुलाजिमों की तैनाती भी जरूरी थी। पहले महिलाएं छुटपुट अपराध में भागीदारी निभाती थीं। मगर अब तो महिलाएं लुटेरा गैंग की सदस्य बनने के साथ-साथ हत्या और नशा तस्करी जैसे संगीन अपराधों में भी अपना हाथ अजमा रही हैं। ऐसे में महिला अपराधियों के खिलाफ महिला पुलिस मुलाजिम बेहतर ढंग से अपनी ड्यूटी निबा पाएंगी।महिला इंस्पैक्टर या मुलाजिम के हाथ में पहले संगीन अपराधों को खंगालने की कमान नहीं होती थी। मगर समय के बदलाव के साथ जिस तरह से महिला पुलिस मुलाजिमों की जरूरत महसूस की जा रही है, उससे अब संगीन मामलों की कमान भी थानों में तैनात महिला सब इंस्पैक्टर को सौंपी जाएगी।
प्रदेश के सभी थानों में तैनात होगी लेडी सब इंस्पैक्टर: डी.जी.पी.
डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा का कहना है कि पुलिस वर्किंग में अब महिला अधिकारियों व मुलाजिमों की भागीदारी बेहद जरूरी हो गई है। उनका मानना है कि जहां-जहां लेडी इंस्पैक्टर के हाथ में कमान है, वहां अपराध की प्रतिशत भी कम है। वह कहते हैं कि जल्द ही प्रदेश के सभी पुलिस थानों में लेडी सब इंस्पैक्टर व लेडी इंस्पैक्टर की तैनाती की जाएगी।

