EVM सुरक्षा का जायजा: कटनी में 29 जून को होगा ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण; BJP-Congress समेत सभी दलों के अध्यक्ष रहेंगे मौजूद
EVM सुरक्षा का जायजा: कटनी में 29 जून को होगा ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण; BJP-Congress समेत सभी दलों के अध्यक्ष रहेंगे मौजूद

EVM सुरक्षा का जायजा: कटनी में 29 जून को होगा ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण; BJP-Congress समेत सभी दलों के अध्यक्ष रहेंगे मौजूद
कटनी। भारत निर्वाचन आयोग के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत कटनी में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों की सुरक्षा और रख-रखाव की जांच की तैयारी पूरी कर ली गई है। आगामी सोमवार, 29 जून 2026 को शाम 5 बजे जिला स्तरीय ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक (Quarterly) निरीक्षण किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जिले के सभी प्रमुख राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी प्रमुख दलों को भेजा आमंत्रण
संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जितेंद्र पटेल ने ईवीएम वेयरहाउस के इस नियमित और महत्वपूर्ण निरीक्षण के संबंध में आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता की नीति के तहत कटनी जिले के निम्नलिखित राजनीतिक दलों के अध्यक्षों व प्रतिनिधियों से निरीक्षण के दौरान मौके पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का लिखित अनुरोध किया है:
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): जिला अध्यक्ष श्री दीपक सोनी (टंडन)
- कांग्रेस (Congress – ग्रामीण): जिला अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह
- कांग्रेस (Congress – शहर): एडवोकेट श्री अमित शुक्ला
- बहुजन समाज पार्टी (BSP): जिला अध्यक्ष श्री डी सी राम
क्यों खास होता है यह त्रैमासिक निरीक्षण?
भारत निर्वाचन आयोग के कड़े नियमों के अनुसार, चुनावों के इतर (Non-election period) भी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा और तकनीकी स्थिति की समय-समय पर जांच की जाती है।
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सीलबंद सुरक्षा की जांच: इस त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस के मुख्य तालों, सील (Seal) और सुरक्षा व्यवस्था (CCTV और गार्ड्स) का भौतिक सत्यापन किया जाता है।
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राजनीतिक दलों की संतुष्टि: सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों की मौजूदगी में यह निरीक्षण इसलिए कराया जाता है ताकि मशीनों की सुरक्षा और स्टोरेज को लेकर भविष्य में किसी भी प्रकार का राजनीतिक विवाद या संदेह न रहे।
निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया की बाकायदा वीडियोग्राफी कराई जाएगी और सभी दलों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) मध्य प्रदेश और भारत निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।








