शाम की चाय अब प्रयागराज में! मेरठ से सिर्फ 6 घंटे में तय होगी 594 किमी की दूरी; देखें गंगा एक्सप्रेसवे का पूरा रूट
लखनऊ/मेरठ: शाम की चाय अब प्रयागराज में! मेरठ से सिर्फ 6 घंटे में तय होगी 594 किमी की दूरी; देखें गंगा एक्सप्रेसवे का पूरा रूट, उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज तक जाने वाला 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे न केवल सफर की दूरी कम करेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ‘रॉकेट’ जैसी रफ्तार देने के लिए तैयार है।
सफर में क्रांति: 12 घंटे की दूरी अब 6 घंटे में
एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज की दूरी तय करने में लगने वाला समय 10-12 घंटे से घटकर मात्र 6-7 घंटे रह जाएगा। 120 किमी/घंटा की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया यह 6-लेन का एक्सप्रेसवे (8 लेन तक विस्तार योग्य) आधुनिक टोल प्लाजा, वे-साइड सुविधाओं और फ्यूल स्टेशनों से लैस है।
12 जिलों की बदलेगी किस्मत
यह मेगा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के 12 मुख्य जिलों को एक सूत्र में पिरोता है:
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पश्चिमी यूपी: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल।
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मध्य यूपी: बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव।
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पूर्वी यूपी: रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज।
आर्थिक धुरी और औद्योगिक इकोसिस्टम
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर है। इसके दोनों ओर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, वेयरहाउसिंग और एमएसएमई क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
“यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी की औद्योगिक बेल्ट को पूर्वांचल के कृषि क्षेत्रों से जोड़ता है। समय की बचत से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, जिससे यूपी का माल वैश्विक बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।”
प्रमुख विशेषताएं:
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लागत: लगभग ₹36,000 – ₹37,000 करोड़ (PPP मॉडल)।
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इंजीनियरिंग का कमाल: गंगा पर 960 मीटर और रामगंगा पर 720 मीटर लंबा विशाल पुल।सुविधाएं: 9 जन-सुविधा परिसर और सुगम प्रवेश-निकास के लिए 19 रैंप टोल।
यूपी बनेगा ‘नेशनल लीडर’
गंगा एक्सप्रेसवे के पूर्ण होने के साथ ही भारत के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60% हो जाएगी। यह इंफ्रास्ट्रक्चर ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य को हासिल करने में सबसे मजबूत आधार स्तंभ (Economic Multiplier) साबित होगा। मेरठ से प्रयागराज तक दौड़ती गाड़ियां सिर्फ यात्रियों को मंजिल तक नहीं पहुंचाएंगी, बल्कि यूपी को देश के नए ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में स्थापित करेंगी।

