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Election 2018 : चुनावी रण में चिकन 10 रुपए किलो

कोरबा । शहर की हवा में पिछले कुछ दिनों से उड़ रहे 10 रुपए किलो के लजीज मुर्गे का राज आखिर खुल गया। तलाश में जुटे अफसर उस रसोई तक पहुंच गए, जहां से इस महक को हवा देने तड़का लगाया जा रहा था।

रविवार को जब इलेक्शन कमीशन के 19 उड़नदस्तों ने अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा तो समझ में आया कि बाजार में सज-संवरकर ताबड़तोड़ बिक रहा मांस कोई आम चिकन नहीं, बल्कि चुनावी मुर्गा है, जिनकी एडवांस बुकिंग किसी और ने की है और 10 रुपए का नोट बतौर कूपन इस्तेमाल किए जा रहे हैं। विशेष सीरियल नंबर वाले इन रुपयों के आधार पर संचालक चिकन दे रहे थे। फिलहाल मामला पुलिस को नहीं सौंपा गया है।

दुकान से मिली लेने वालों की लंबी लिस्ट

एक अफसर के अनुसार जांच में चिकन सेंटर से करीब तीन पेज की सूची मिली है, जिसमें उनके नाम है, जो या तो अपना मुर्गा ले जा चुके हैं या अपना पार्सल लेने के लिए चिकन सेंटर पहुंचने वाले थे।

हर कूपन में मुर्गे का अलग-अलग वजन

अगर कूपन लेकर चिकन सेंटर लेकर पहुंचे व्यक्ति के परिवार में छह सदस्य हैं, तो कूपन में छह आब्लिक तीन लिखा होगा, जबकि प्रत्येक सदस्य के लिए मुर्गे का वजन आधा किलो का होगा।

चिकन सेंटर संचालक ने उगली सच्चाई

प्रशासन की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि फ्लाइंग स्क्वाड ने मुड़ापार स्थित सरदार चिकन सेंटर से 103 किलो चिकन एवं इतवारी बाजार शब्बीर चिकन सेंटर से 80 किलो चिकन जब्त किया है। चिकन सेंटर में दस-दस रुपये के नए नोट का उपयोग टोकन के रूप में चिकन लेने के लिए किया जा रहा था।

जांच टीम से चिकन सेंटर के संचालक ने राजनीतिक दल के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने उसे 10 रुपए के नए नोट लेकर आने वाले लोगों को एक व्यक्ति के माध्यम से चिकन देने की बात स्वीकार की है।

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