बिहार उपचुनाव में भूचाल: तेज प्रताप की प्रत्याशी वीणा मानवी का पर्चा खारिज; ‘1 प्रस्तावक’ की कमी से टूटा बांकीपुर का चुनावी सपना
बिहार उपचुनाव में भूचाल: तेज प्रताप की प्रत्याशी वीणा मानवी का पर्चा खारिज; '1 प्रस्तावक' की कमी से टूटा बांकीपुर का चुनावी सपना
बिहार उपचुनाव में भूचाल: तेज प्रताप की प्रत्याशी वीणा मानवी का पर्चा खारिज; ‘1 प्रस्तावक’ की कमी से टूटा बांकीपुर का चुनावी सपना
पटना: बिहार के सबसे हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव (Bankipur Assembly Bypoll) की स्क्रूटनी (नामांकन पत्रों की जांच) में मंगलवार को एक बहुत बड़ा उलटफेर हो गया है. आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) को तगड़ा झटका लगा है. चुनाव आयोग ने जेजेडी उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द (कैंसिल) कर दिया है.
सोमवार को नामांकन के ठीक बाद हुई हाई-वोल्टेज गिरफ्तारी के कारण वीणा मानवी लगातार चर्चा में थीं, लेकिन अब पर्चा ही खारिज हो जाने से चुनाव से उनका पत्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
आखिर किस बड़ी लापरवाही की वजह से रद्द हुआ पर्चा?
निर्वाचन आयोग और निर्वाची पदाधिकारी (Returning Officer) से मिली जानकारी के मुताबिक, वीणा मानवी के नामांकन पत्र में एक ऐसी तकनीकी और कानूनी खामी पाई गई, जिसे सुधारा नहीं जा सकता था:
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प्रस्तावकों की कमी : चुनाव आयोग के कड़े नियमों के मुताबिक, किसी भी गैर-मान्यता प्राप्त (Unrecognized) राजनीतिक दल या निर्दलीय प्रत्याशी को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 10 स्थानीय प्रस्तावकों (Proposers) की आवश्यकता होती है, जो उनके नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करते हैं.
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सिर्फ 9 हस्ताक्षरों ने बिगाड़ा खेल: जांच में सामने आया कि वीणा मानवी के नामांकन फॉर्म पर केवल 9 प्रस्तावकों के ही हस्ताक्षर थे. इस महज ‘एक’ प्रस्तावक के दस्तखत की कमी और कुछ अन्य दस्तावेजी त्रुटियों के चलते चुनाव आयोग ने उनका पर्चा पूरी तरह खारिज कर दिया.
भड़के तेज प्रताप यादव: यह हमारे खिलाफ सोची-समझी राजनीतिक साजिश
अपनी उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने की खबर मिलते ही जेजेडी (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव तुरंत पटना समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) पहुंचे. उन्होंने इस फैसले पर गहरा आक्रोश जताते हुए सरकार और विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया:
“यह हमारी बढ़ती लोकप्रियता और हमारी प्रत्याशी वीणा मानवी के खिलाफ रची गई एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है. हमारी संभावित जीत से विरोधी खेमे में खौफ था, इसलिए तकनीकी बहाना बनाकर हमें रोका गया है. हम इस एकतरफा फैसले के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे और न्याय के लिए बहुत जल्द कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.”
गिरफ्तारी से लेकर पर्चा खारिज होने तक की पूरी टाइमलाइन
बांकीपुर का यह उपचुनाव शुरू से ही काफी विवादों और ड्रामे से भरा रहा है:
अब बांकीपुर के त्रिकोणीय रण में कौन-कौन आमने-सामने?
इस उपचुनाव की स्क्रूटनी में वीणा मानवी और निर्दलीय उम्मीदवार प्रिय किन्नर सहित कुल 10 से अधिक प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज हो चुके हैं. इस बड़े फेरबदल के बाद अब बांकीपुर का मैदान पूरी तरह साफ हो चुका है और मुख्य मुकाबला इन तीन दिग्गजों के बीच सिमट गया है:
| उम्मीदवार | पार्टी | मुख्य यूएसपी (USP) |
| प्रशांत किशोर (PK) | जन सुराज पार्टी | चुनावी रणनीतिकार से नेता बने PK का यह पहला चुनावी डेब्यू है. |
| नीरज कुमार सिन्हा | भारतीय जनता पार्टी (BJP) | बीजेपी के पुराने जमीनी कार्यकर्ता, जिन्हें संगठन का लंबा अनुभव है. |
| रेखा गुप्ता | राष्ट्रीय जनता दल (RJD) | आरजेडी की आधिकारिक प्रत्याशी, जिन्हें महागठबंधन का समर्थन है. |
बांकीपुर विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई को मतदान होना है, जबकि इसके नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे. जेजेडी के रेस से बाहर होने के बाद अब यह मुकाबला बेहद कांटे का और दिलचस्प हो गया है.








