पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट को लेकर न हों भ्रमित, NPCI ने साफ की स्थिति: ग्राहकों पर नहीं लगेगा ₹1 का भी अतिरिक्त बोझ
नई दिल्ली: 15 अक्टूबर से लागू हो रहे UPI के नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नियमों को लेकर वाहन चालकों के बीच फैली भ्रम की स्थिति पर अब विराम लग गया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंपों पर QR कोड स्कैन करके भुगतान करने वाले ग्राहकों को किसी भी तरह का अतिरिक्त सर्विस चार्ज या फीस नहीं देनी होगी।
पेट्रोल पंपों पर होने वाले भारी ट्रांजेक्शन वॉल्यूम और कम प्रॉफिट मार्जिन को ध्यान में रखते हुए NPCI ने फ्यूल आउटलेट्स के लिए एक विशेष फ्लैट-फीस व्यवस्था तैयार की है:
₹2,000 तक का भुगतान: पूरी तरह से शुल्क-मुक्त (0% MDR) रहेगा।
₹2,000 से अधिक का भुगतान: पेट्रोल पंप डीलरों को सामान्य बड़े मर्चेंट्स की तरह 0.4% (अधिकतम ₹300) का शुल्क देने के बजाय मात्र ₹5 की फ्लैट दर देनी होगी।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस मर्चेंट शुल्क का बोझ आम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। पेट्रोल या डीजल भरवाते समय उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा। यह ₹5 का फ्लैट शुल्क केवल पेट्रोल पंप मालिकों और संबंधित बैंकों के बीच आंतरिक रूप से सेटल किया जाएगा।
NPCI के इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतानों को बढ़ावा देने की रफ्तार धीमी न पड़े और वाहन चालक बिना किसी वित्तीय चिंता के UPI से भुगतान जारी रख सकें।