डोनाल्ड ट्रंप की सज़ा एलन मस्क को? ईरान ने देश में स्टारलिंक किया ब्लॉक
डोनाल्ड ट्रंप की सज़ा एलन मस्क को? ईरान ने देश में स्टारलिंक किया ब्लॉक
भारत में लॉन्च के लिए तैयार Starlink इंटरनेट, सस्ती कीमत में मिलेगा हाई-स्पीड डेटा
Iran Setback for Elon Musk: डोनाल्ड ट्रंप की सज़ा एलन मस्क को? ईरान ने देश में स्टारलिंक किया ब्लॉक। इजरायल के साथ युद्ध में अमेरिका की मदद से बीफरा ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का बदला एलन मस्क से लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप की सज़ा एलन मस्क को? ईरान ने देश में स्टारलिंक किया ब्लॉक
भारत में लॉन्च के लिए तैयार Starlink इंटरनेट, सस्ती कीमत में मिलेगा हाई-स्पीड डेटा
ईरान ने एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देश में बैन कर दिया है। ईरानी संसद में स्टारलिंक पर बैन लगाने को लेकर सहमति बनी। संसद में कहा गया है कि स्टारलिंक बिना इजाजत देश में संचालन कर रही थी और देश की संप्रभुता को खतरे में डाल रही थी।
ईरान की संसद ने स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा समेत बिना लाइसेंस वाले इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों के इस्तेमाल को अपराध घोषित करने वाला कानून पारित किया है। इसके तहत अपराधियों को जेल की सजा का सामना करना पड़ेगा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टारलिंक का इस्तेमाल इंटरनेट प्रतिबंधों और घरेलू कंपनियों से मिलने वाली खराब क्वालिटी की सेवा की वजह से किया गया। ईरानी अधिकारियों को अब डर है कि गैर-निगरानी वाली मोबाइल इंटरनेट सेवा के इस्तेमाल से कथित इजरायली जासूसों को तेल अवीव से संपर्क करने में सक्षम बनाया जा सकता है। ईरानी संसद में ये कानून 23 जून को इजरायल के साथ 12 दिनों की जंग और विदेशी प्रभाव, सूचना नियंत्रण को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्दनेजर लाया गया। इस संघर्ष के दौरान ऐसी रिपोर्टें सामने आईं कि जंग के समय इंटरनेट बैन के बावजूद कई लोग स्टारलिंक का इस्तेमाल कर रहे थे। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बढ़ जाता है।
खुफिया जानकारी शेयर करने पर मृत्युदंड की सजा
‘जासूसी के लिए दंड में बढ़ोतरी और राष्ट्रीय सुरक्षा, हितों के खिलाफ इजरायल और शत्रुतापूर्ण देशों के साथ सहयोग’ टाइटल वाले इस कानून में 9 अनुच्छेद हैं। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानी जाने वाली गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। नए कानून के तहत, इजरायल और अन्य शत्रुतापूर्ण राज्यों के साथ किसी भी खुफिया जानकारी को साझा करने पर मृत्युदंड का प्रावधान है।