Health

क्या आप भी toilet में करते हैं mobile phone का इस्तेमाल? जानिए सेहत पर कैसे पड़ता है बुरा प्रभाव….

Using mobile phone in toilet: नमस्कार दोस्तो स्वागत हैं आपका हमारे एक न्यू आर्टिकल मे तो चलिए शुरू करते हैं कई लोगों को toilet में बैठ कर मोबाइल फोन scroll करने की आदत होती है. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आज ही ये आदत बदलें क्योंकि, इससे आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

Using mobile phone in toilet:
आजकल लोगों का बाथरूम में मोबाइल फोन स्क्रॉल करना काफी आम हो गया है. इस तेज भागती जिंदगी में सब कुछ एक साथ करने के चक्कर में लोग फोन कॉल और ईमेल का जवाब देने जैसे काम बाथरूम तक लेकर चले जाते हैं. वहीं कुछ लोग एंटरटेनमेंट के लिए बाथरूम में बैठकर फनी वीडियोज स्क्रॉल कर रहे होते हैं. लेकिन लोगों को शायद ही पता हो कि दस मिनट के मनोरंजन के चलते वह अपनी सेहत को किस हद तक नजरअंदाज करते हैं. मोबाइल के चक्कर में लोग टॉयलेट सीट पर जरूरत से ज्यादा समय बिताते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ये आदतें लंबे दौर में सेहत को बुरी तरह प्रभावित करती है. लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठे रहने से इंटेस्टाइन, पेल्विक फ्लोर और मांसपेशियों पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

Disadvantages of using mobile phone in toilet
आंत संबंधी समस्याएं
टॉयलेट में मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ज्यादा समय तक बैठे रहने से अनावश्यक तनाव, कब्ज, आंत संबंधी डिसऑर्डर और बवासीर जैसी गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती है. इसके अलावा टॉयलेट सीट पर ज्यादा समय तक बैठे रहने से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां कमजोर हो सकती है जिससे असंयम और कई अन्य तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है

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हाइजीन संबंधी खतरा
टॉयलेट में मोबाइल फोन के इस्तेमाल से स्वच्छता संबंधी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती है. टॉयलेट में कई तरह के कीटाणु बहुत अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं. ऐसे में वहां फोन ले जाने का मतलब टॉयलेट के कीटाणुओं को अपने साथ बाहर ले जाना है. मोबाइल के साथ आए कीटाणु आपके हाथ, चेहरा और कानों के संपर्क में आने पर किसी बीमारी या संक्रमण को बुलावा दे सकते हैं.

खराब पॉश्चर
टॉयलेट सीट पर बैठकर लंबे समय तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से पोस्चर संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है. इसकी वजह से पीठ दर्द, गर्दन में खिंचाव और असुविधा हो सकती है. रीढ़ की हड्डी को सही रखने और ओवर ऑल हेल्थ के लिए एर्गोनोमिक पॉजिशन बनाए रखना बेहद जरूरी है.

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