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जिला योजना समिति के सदस्य एवं पार्षद शशिकांत तिवारी ने निगमायुक्त को लिखा पत्र,प्रमुख मार्ग की दुर्दशा पर जताई गहरी चिंता

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जिला योजना समिति के सदस्य एवं पार्षद शशिकांत तिवारी ने निगमायुक्त को लिखा पत्र,प्रमुख मार्ग की दुर्दशा पर जताई गहरी चिंत

कटनी – शहर के प्रमुख और व्यस्ततम मार्ग कटनी बॉम्बे ट्रांसपोर्ट से कटाए घाट मोड़ तक सीवर लाइन कार्य के पश्चात अब तक सड़क मरम्मत (रेस्टोरेशन) न किए जाने को लेकर जिला योजना समिति सदस्य एवं पार्षद शशिकांत तिवारी नें निगमायुक्त को पत्र लिखते हुए पुलिस अधीक्षक कटनी को भी इसकी प्रतिलिपि सौंपी है, जिसमें उन्होंने जनसुविधा और जनसुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की मांग की है।

सीवर लाइन कार्य के बाद सड़क मरम्मत लंबितः
कटनी बॉम्बे ट्रांसपोर्ट से कटाए घाट मोड़ तक सीवर कार्य के बाद सड़क रेस्टोरेशन न होने से प्रतिदिन आवागमन बाधित है। इस मार्ग पर धूल-धक्कड़ के चलते राहगीरों, दुकानदारों और व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

त्योहारों से पहले निपटाया जाए कार्यः
श्री तिवारी ने पत्र में उल्लेख किया कि आगामी नवरात्रि एवं दशहरे के दौरान भूमि प्रकट माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। ऐसे में यदि सड़क मरम्मत का कार्य समय पर पूर्ण नहीं हुआ, तो नागरिकों के साथ धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन और कार्यदायी एजेंसी की होगी।

रात्रिकालीन कार्य की मांगः
श्री तिवारी नें प्रस्तावित डन कॉलोनी मोड़ तक के सीवर कार्य को लेकर सुझाव दिया है कि यह कार्य रात्रिकालीन समय में किया जाए, ताकि दिन के समय यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम रहे।

जनसुरक्षा की चेतावनीः
श्री तिवारी नें पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यदि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी या नागरिक सुविधाओं की उपेक्षा की गई, तो भविष्य में किसी भी दुर्घटना या जन-असंतोष की स्थिति के लिए संबंधित विभाग एवं एजेंसी प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी मानी जाएगी।

श्री तिवारी नें नवरात्री के पूर्व अतिशीघ्र सड़क मरम्मत कार्य प्रारंभ करानें एवं संबंधित एजेंसी को कार्य की समयसीमा और मानकों का पालन करते हेतु निर्देशित करनें हेतु पत्र में उल्लेख किया है साथ ही की गई कार्यवाही से अवगत कराने की बात कही है ।

शशिकांत तिवारी का यह पत्र न केवल संबंधितों की उदासीनता की ओर इशारा करता है, बल्कि आमजन की आवाज बनकर एक सार्थक पहल की ओर भी संकेत करता है। आने वाले पर्वों को देखते हुए, निगम प्रशासन यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाता है तो जनआंदोलन की स्थिति बनना तय है।

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