जिले के पर्वतारोही अमित एक साथ दो पर्वतों पर चढ़ने में हुये कामयाब
जिले के पर्वतारोही अमित एक साथ दो पर्वतों पर चढ़ने में हुये कामयाब

कटनी। जिले के छोटे से गांव बरही के मूल रहवासी पर्वतारोही अमित विश्वकर्मा ने इस बार एक साथ लेह और लद्दाख की दो पर्वतों श्रेणीओं पर लगातार चढ़ाई कर कांग यात्से एक (21001फीट)और कांग यात्से दो (20506फीट) की ऊंचाई के अत्यंत कठिनाइयों और मुसीबतों से भरे पर्वतों को फतेह करने में कामयाबी हासिल किये हैं।

पर्वतरोही ने बताया की जिले से 12 अगस्त को इस अभियान पर वे निकले थे, उनका संघर्ष पूर्णतः चुनौतियों से भरा था, उनके सामने एक साथ दो-दो पर्वत, कांग यात्से एक और कांग यात्से दो की चढ़ाई का लक्ष्य था। जाँबाज अमित भारत के तिरंगे के साथ जिले से लेह लद्दाख पर फतह की मूल भावना को दिल में संजोकर 15 अगस्त से अपने अभियान में निकल कर चढ़ाई चढ़ना शुरू किए।
इस बीच उन्हें बेस कैंप पहुँचने में पहले तीन दिन की यात्रा उन्हें ख़राब मौसम के चलते रोकनी पड़ी।यात्रा शुरू करने के बाद पहला पर्वत कांग यात्से दो पर अमित 24अगस्त को बेस कैंप से रात को 9 बजे से उस पर चढ़ाई करना शुरु किये और 25 अगस्त की सुबह कांग यात्से दो पर भारत का तिरंगा लहराकर उन्होंने अपने देश का गौरव बढ़ाया। उसके बाद अमित ने बेस कैंप वापस आकर दूसरे पर्वत पर जाने की तैयारी शुरू किये।
अमित द्वारा बेस कैंप से 28अगस्त की सुबह कांग यात्से जिसकी ऊंचाई 21001फीट थी, उस पर फतह हासिल करने के मूल मकसद से बेस कैंप से सीधे लक्ष्य की ओर रवाना हुए, हाला ख़राब मौसम के खलल के चलते उन्होने कुछ कैंप बीच में भी लगाने पड़े ।उनका दूसरा अभियान 29अगस्त की रात को एक बार फिर कांग यात्से एक के लिए चालू हुआ और अत्यंत आंधी बर्फ बारी रुपी संघर्ष के बाद अमित 30अगस्त की सुबह 6बजे दूसरे पर्वत पर भी सकुशल पहुंचकर तिरंगा लहराने में सफल हुये.अमित द्वारा कटनी जिले का गौरव बढ़ाकर इस बड़े अभियान को पूर्ण करने पर चारों तरफ से अमित और उसके माता पिता को बधाइयों का दौर जारी है । पर्वतारोही ने बताया की इन दोनो पर्वतों को फतेह करना बहुत बड़ी चुनौती थी,किन्तु हर चुनौती यों को बिना किसी गाइड के खुद की मेहनत और अनुभव से अमित इन दोनो पर्वतों को फतेह कर कटनी जिले का नाम रोशन किये , एक ओर जँहा लोग कंपनी या गाइड लेकर उनके सहारे पर्वत पर चढ़ाई करते हैं,वहीं अमित खुद की बदौलत बिना किसी सहारे के चढ़ाई करते हुये अपने बहादुर होने का मिसाल प्रस्तुत किया है। कटनी जिले के गौरव के लिए अमित ने हर चुनौतियों को आज तक पार करते आ रहे हैं.इसका श्रेय अमित द्वारा शिक्षका मां रश्मि विश्वकर्मा और भूत पूर्व सैनिक पिता मन्नू लाल विश्वकर्मा को उनके हर कदम में सहयोग करने को दिया जा रहा है ।बताया गया है कि पर्वतारोही अमित विश्वकर्मा कटनी जिले को कई बार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्वतों पर चढ़ाई कर नाम रोशन कर चुके हैं।
हाला अब उनकी तमन्ना माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई कर कटनी जिले के गौरव पूरे भारत में स्थापित करना है।अमित की इस संघर्षमय कामयाबी पर अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ के संस्थापक पं. पंडित सरमन तिवारी, प्रवक्ता कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत,जिलाध्यक्ष आर. के. बत्रा, जिला सचिव हरप्रीत सिंह ग्रोवर उर्फ़ लक्की, उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार मेहरा,सह सचिव संजय मिश्रा, कोषाध्यक्ष हरीश सक्सेना सहित पूरी टीम के सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुये उन्हें संपूर्ण जिले का गौरव बताते हुये उनका सार्वजनिक रूप से सम्मान करने की रणनीति बना रहे हैं।








