Digital Village के तहत अगले 1000 दिनों में देश के लगभग 4.5 लाख गांवों की सूरत बदलने जा रही है। इस योजना के तहत 20 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी। विशेष बात ये है कि ये नौकरियां गांवों में होंगी।
युवाओं को इसके लिए अपना गांव छोड़कर शहर नहीं जाना होगा। आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के अधीनस्थ काम करने वाली कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के सीईओ दिनेश त्यागी ने बताया कि इन गांवों में ऑप्टिकल फाइबर के आते ही सभी गांवों में एक-एक कॉमन सर्विस सेंटर खुल जाएगा।
एक सेंटर के खुलने से कम से कम पांच लोगों को नौकरी मिलेगी। इस हिसाब से सीधे तौर पर कम से कम 20 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। सीएससी के खुलने से शिक्षा से लेकर इलाज जैसी कई सुविधाएं ग्रामीणों को मिलेंगी और उन्हें हर काम के लिए शहर नहीं जाना होगा।
हर गांव में एक-एक विलेज लेवल इंट्रेप्रेन्योर (वीएलई) की नियुक्ति की जाएगी जो ग्रामीणों की फसलों को घर बैठे बिकवाने का इंतजाम करवाएगा। बैंकिंग की सुविधा भी गांवों में ही उपलब्ध हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 15 अगस्त को यह घोषणा की थी कि अगले 1000 दिनों में बचे हुए सभी गांवों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा हो जाएगा। अभी देश में लगभग 1.5 लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम पूरा किया गया है।
अब बाकी बचे 4.5 लाख गांवों को ऑप्टीकल फाइबर केबल से जोड़ने का काम चल रहा है। 1000 दिन बाद गांव के लोगों को हर काम के लिए शहर जाकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इन गांवों के डिजिटल बनने से यह संभव होने जा रहा है।

