गेहूं उपार्जन में ढीमरखेड़ा तहसील सबसे आगे, विजयराघवगढ़ दूसरे नंबर पर; किसानों को समर्थन मूल्य के साथ मिल रहा ₹40 का बोनस
गेहूं उपार्जन में ढीमरखेड़ा तहसील सबसे आगे, विजयराघवगढ़ दूसरे नंबर पर; किसानों को समर्थन मूल्य के साथ मिल रहा ₹40 का बोनस
गेहूं उपार्जन में ढीमरखेड़ा तहसील सबसे आगे, विजयराघवगढ़ दूसरे नंबर पर; किसानों को समर्थन मूल्य के साथ मिल रहा ₹40 का बोनस। कटनी जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं उपार्जन का कार्य जोरों पर है। 15 अप्रैल से शुरू हुई इस प्रक्रिया में शुक्रवार 8 मई तक जिले के 23,477 किसानों ने अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेची है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशों के बाद अब भुगतान प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है, जिसके तहत अब तक 63.98 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं।
उपार्जन के बड़े आंकड़े: एक नजर में
कुल उपार्जन: 95,696 मीट्रिक टन (MT)
स्लॉट बुकिंग: 41,057 किसानों ने अब तक स्लॉट बुक किए हैं।
बोनस का लाभ: किसानों को ₹2585 समर्थन मूल्य के साथ राज्य सरकार की ओर से ₹40 प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जा रहा है (कुल ₹2625 प्रति क्विंटल)।
कौन सी तहसील रही आगे? (Top Performing Tehsils)
गेहूं खरीदी के मामले में ढीमरखेड़ा जिला मुख्यालय से भी आगे निकल गया है। तहसीलवार स्थिति इस प्रकार है:
तहसील
किसानों की संख्या
कुल उपार्जन (MT)
ढीमरखेड़ा
6,041
20,761
विजयराघवगढ़
3,336
15,137
बहोरीबंद
3,045
14,237
स्लीमनाबाद
2,250
10,492
बड़वारा, रीठी, बरही और कटनी ग्रामीण में भी 8 हजार मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी हो चुकी है।
केंद्रों पर ‘AC’ जैसी तो नहीं, पर पुख्ता सुविधाएं
कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को धूप से बचाने के लिए छायादार स्थान और शीतल पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य है। इसके अलावा:
आधुनिक तौल कांटे और सिलाई मशीनें।
इंटरनेट और कंप्यूटर के जरिए तत्काल स्लॉट वेरिफिकेशन।
गुणवत्ता के लिए पंखा और छन्ना की उपलब्धता।
कलेक्टर की अपील: श्री आशीष तिवारी ने किसानों से आग्रह किया है कि वे केंद्रों पर साफ-सुथरा और सुखाया हुआ गेहूं ही लाएं ताकि तुलाई में देरी न हो और भुगतान जल्द सुनिश्चित किया जा सके।