विजयराघवगढ़ के विकास को मिलेगी नई उड़ान, विधायक संजय सत्येंद्र पाठक की पहल से बायपास निर्माण को मिली रफ्तार, कैमोर- बरही-कटनी को जोड़ेगा आधुनिक बायपास, आवागमन होगा सुगम
भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में, एसआइए रिपोर्ट पर सुझाव और आपत्तियां सुनने प्रशासन गांव-गांव शिविर लगाकर करेगा सुनवाई
कटनी(YASHBHARAT.COM)। विजयराघवगढ़ क्षेत्र के विकास को अब नए पंख लगने वाले हैं। वर्षों से अटके विजयराघवगढ़-कैमोर-बरही बायपास निर्माण कार्य अब गति पकडऩे वाला है। क्षेत्र की इस बहूप्रतीक्षित परियोजना को मंजूरी दिलाने, भूमि अधिग्रहण संबंधी अड़चनों को दूर करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में विजयराघवगढ़ विधायक एवं पूर्वमंत्री संजय सत्येंद्र पाठक की सक्रिय भूमिका अब निर्णायक मोड़ पर आ गई है। क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से यह बायपास आने वाले वर्षों में विजयराघवगढ़ की काया पलटने वाला साबित होगा। गौरतलब है कि बायपास निर्माण को लेकर कलेक्टर आशीष तिवारी ने 19 नवंबर से बायपास प्रभावित क्षेत्रों में जनसुनवाई शिविरों की श्रृंखला प्रारंभ करने का आदेश दिया है। यह जनसुनवाई भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास तथा पारदर्शिता अधिनियम 2013 के अंतर्गत सामाजिक प्रभाव निर्धारण(एसआइए)रिपोर्ट पर ग्रामीणों से आपत्तियां, सुझाव और उनकी समस्याओं को सुनने के उद्देश्य से की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत बंजारी, मझगवां, गौरहा, कलेहरा, खन्ना बंजारी, बरही और बुजुबुजा सहित अनेक गांवों की भूमि का अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है। जनसुनवाई में ग्रामीणों को अपने विचार रखने का पूरा अवसर मिलेगा, जिससे परियोजना की पारदर्शिता और मजबूती दोनों बढ़ेंगी। कलेक्टर ने जनसुनवाई की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर एवं जिला भू-अर्जन अधिकारी नीलाम्बर मिश्रा को सौंपी है, जो निर्धारित तारीखों पर सभी प्रभावित ग्रामों में उपस्थित रहकर ग्रामीणों की बातें सीधे सुनेंगे। प्रशासन का मानना है कि खुली बातचीत और स्पष्ट प्रक्रिया से भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास से जुड़े विवाद न्यूनतम होंगे, जिससे परियोजना को शीघ्रतम रूप से अंतिम मंजूरी मिल सकेगी। बायपास निर्माण के बाद विजयराघवगढ़ शहर को सबसे बड़ी राहत भारी वाहनों के दबाव से मिलेगी। वर्तमान में बड़ी गाडिय़ों के कारण शहर में जाम की स्थिति, सडक़ दुर्घटनाओं का खतरा और आवागमन में असुविधा जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। बायपास बनने से कैमोर, बरही, कटनी और विजयराघवगढ़ के बीच आवागमन न केवल सुगम होगा बल्कि यात्रा समय भी कम होगा। इससे व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और स्थानीय निवासियों का जीवनस्तर सुधरेगा। स्थानीय नागरिकों में भी बायपास निर्माण को लेकर उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा है। लोगों का मानना है कि यह सडक़ भविष्य में क्षेत्र की पहचान को पूरी तरह बदल देगी। उद्योगों के आने की संभावना बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और विजयराघवगढ़ नगर व ग्रामीण अंचल दोनों की आर्थिक प्रगति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। विजयराघवगढ़ विधायक एवं पूर्वमंत्री संजय सत्येंद्र पाठक इस परियोजना के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। भूमि अधिग्रहण की कठिन प्रक्रियाओं से लेकर उच्च प्रशासनिक स्तर पर बार-बार पैरवी करते हुए उन्होंने प्रत्येक चरण में सक्रिय हस्तक्षेप किया। परिणामस्वरूप वर्षों से अधर में लटकी विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की यह बहूप्रतीक्षित परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि विधायक श्रीपाठक के प्रयासों के कारण ही यह स्वप्न साकार होने की कगार पर है। विजयराघवगढ़ के विकास का सपना अब वास्तविकता में बदलने वाला है। जनसुनवाई प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बायपास निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की पूर्ण संभावना है। यह बहुप्रतीक्षित परियोजना न केवल आवागमन को सरल बनाएगी बल्कि विजयराघवगढ़ को विकास की नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आधार भी बनेगी। आने वाले वर्षों में यह बायपास क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रगति का केंद्र बिंदु बनकर उभरेगा और विजयराघवगढ़ अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।
