देवरी: नगरपालिका अध्यक्ष नेहा जैन पर FIR; PIC की बैठकों में महिला पार्षद के फर्जी दस्तखत कर प्रस्ताव पास कराने का गंभीर आरोप
देवरी: नगरपालिका अध्यक्ष नेहा जैन पर FIR; PIC की बैठकों में महिला पार्षद के फर्जी दस्तखत कर प्रस्ताव पास कराने का गंभीर आरोप
देवरी: नगरपालिका अध्यक्ष नेहा जैन पर FIR; PIC की बैठकों में महिला पार्षद के फर्जी दस्तखत कर प्रस्ताव पास कराने का गंभीर आरोप
देवरी (सागर)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर (फर्जी दस्तखत) करने और कूटनीति के जरिए दस्तावेज तैयार करने (फोर्जरी) के आरोप में देवरी थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई देवरी के वार्ड क्रमांक 5 की पार्षद सुनीता लोधी की लिखित शिकायत और प्राथमिक जांच के बाद की गई है। पुलिस ने नपा अध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी (चीटिंग) और कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
RTI के दस्तावेजों से खुला ‘फर्जीवाड़े’ का खेल
थाना प्रभारी हरिराम मानकर के अनुसार, शिकायतकर्ता सुनीता लोधी वर्ष 2025 तक नगरपालिका अध्यक्ष की प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल (PIC) की सक्रिय सदस्य थीं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 के दौरान आयोजित कई महत्वपूर्ण बैठकों में वे शामिल ही नहीं हुई थीं, फिर भी प्रस्तावों को पास कराने के लिए उनके फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए:
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इन 10 तारीखों की बैठकों में फर्जी दस्तखत का दावा: 23 जनवरी, 31 जनवरी, 1 मार्च, 11 अप्रैल, 9 मई, 31 मई, 13 जुलाई, 9 अगस्त, 18 सितंबर और 13 दिसंबर 2023।
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आरटीआई (RTI) से मिली प्रमाणित प्रतियां: सुनीता लोधी के पति ने सूचना के अधिकार के तहत इन बैठकों के प्रस्ताव और हाजिरी रजिस्टर की प्रमाणित कॉपियां निकालीं, तब जाकर इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। महिला पार्षद का कहना है कि उन्हें इन बैठकों की न तो कोई लिखित सूचना दी गई और न ही मौखिक। देवरी: नगरपालिका अध्यक्ष नेहा जैन पर FIR; PIC की बैठकों में महिला पार्षद के फर्जी दस्तखत कर प्रस्ताव पास कराने का गंभीर आरोप
असली और नकली हस्ताक्षरों में स्पष्ट अंतर
पार्षद सुनीता लोधी ने पुलिस को सबूत सौंपते हुए बताया कि वे परिषद सम्मेलन की अन्य बैठकों (जैसे 11 व 15 मार्च 2024, 13 सितंबर 2024, 21 नवंबर 2024, 14 मई 2025 और 24 अक्टूबर 2025) में खुद उपस्थित थीं। इन बैठकों के रजिस्टर में दर्ज उनके वास्तविक हस्ताक्षरों की तुलना यदि पीआईसी की बैठकों वाले हस्ताक्षरों से की जाए, तो दोनों में स्पष्ट रूप से अंतर (बदलाव) दिखाई देता है, जो यह साबित करता है कि दस्तखत की नकल की गई है।
सरकारी राशि और योजनाओं के दुरुपयोग का आरोप
शिकायत में नपा अध्यक्ष नेहा जैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि:
“पीआईसी बैठकों में कोरम (गणपूर्ति) पूरा दिखाने और अवैध रूप से लाभ कमाने के उद्देश्य से ये फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इन फर्जी हस्ताक्षरों के सहारे परिषद से विभिन्न प्रस्ताव पारित कराए गए, जिसका मुख्य उद्देश्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं और सरकारी बजट (राशि) का दुरुपयोग करना था।”
पुलिस का रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए देवरी थाना पुलिस ने नगरपालिका अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब हाजिरी रजिस्टर और प्रस्तावों की प्रतियों को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट (FSL) के पास भेजने की तैयारी कर रही है ताकि हस्ताक्षरों की तकनीकी जांच कराई जा सके। इस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में गरमाहट आ गई है।








