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आनि कार्यसमिति चुनाव प्रक्रिया रद्द कर, नए सिरे से चुनाव कराने की मांग

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आनि कार्यसमिति चुनाव प्रक्रिया रद्द कर, नए सिरे से चुनाव कराने की मांग

कटनी। आयुध निर्माणी में 21 दिसंबर 2024 को होने जा रहे कार्यसमिति चुनाव को रद्द कर, नये सिरे से पुनः चुनाव करवाने की मांग लेबर यूनियन के द्वारा एक पत्र के माध्यम से आपत्ति लगाते हुए की गई है।

आयुध निर्माणी में कर्मचारियों की प्रतिनिधि सभा कार्यसमिति के चुनाव प्रत्येक 2 वर्ष में कराए जाते हैं। इसी श्रृंख्ला में आगामी 21 दिसंबर को कार्यसमिति चुनाव के मतदान होने हैं। इस संबंध में मजदूर यूनियन के द्वारा एक पत्र सौंप कर पूरी चुनावी प्रक्रिया पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए पुनः नए सिरे से चुनाव कराने की मांग चुनाव हेतु नियुक्त निर्वाचन अधिकारियों से की गई है। सौंपे गए पत्र की प्रतिलिपियां रक्षा मंत्रालय से लेकर संबंधित तमाम अधिकारियों एवं समायुक्त जबलपुर को भी प्रेषित की जा चुकी हैं।

दरअसल इस चुनावी प्रक्रिया में कर्मचारियों की मजदूर यूनियन के द्वारा आपत्ति लगाने का आधार इसे बनाया गया है कि, बीच चुनाव के जबकि आचार संहिता लगी हुई थी तब मजदूर यूनियन के एक नामांकित प्रत्याशी विपिन मिश्रा सहित कुल दस कर्मचारियों के लिए कार्यवेक्षक पद पर पदोन्नति के आदेश को पारित किया गया । चूंकि कार्यसमिति के चुनाव में केवल कर्मचारी ही अपना मतदान कर सकते हैं और कार्यवेक्षकों को इसमें मतदान करने की अनुमति नहीं है। इस तरह बीच चुनाव किये गए इस पदोन्नति आदेश के कारण,मजदूर यूनियन का एक प्रत्याशी कम हो गया और प्रकाशित मतदाता सूची के मुताबिक 10 मतदाता भी इस आदेश के पारित होने के बाद मतदान नहीं कर सकेंगे।
इस तरह कार्य समिति चुनाव के बीच में अब जबकि महज दो से तीन दिनों की अवधि ही शेष बची है और इस आदेश के हो जाने के बाद एक प्रत्याशी और 10 मतदाता इस चुनावी प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो सकेंगे इसी को आधार बनाकर मजदूर यूनियन के द्वारा कार्य समिति चुनाव की प्रक्रिया को रद्द करते हुए नए सिरे से चुनावी प्रक्रिया आरंभ करने के लिए कार्य समिति चुनाव आयोग एवं निर्माणी प्रशासन से मांग की गई है। इस संबंध में अयोध्या निर्माणी कार्यसमिति चुनाव प्रक्रिया से संबंध चुनाव आयोग एवं अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया फिलहाल अभी नहीं दी गई और यही अनुमान लगाया जा रहा है कि,इस पूरी प्रक्रिया में ऊपरी दिशा निर्देश की प्रतीक्षा निर्माणी प्रशासन एवं उसके कार्य समिति निर्वाचन आयोग को भी है।

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