Delhi Blast Investigation: अयोध्या से काशी तक था आतंकियों का ब्लूप्रिंट- मंदिरों और अस्पतालों को उड़ाने की थी साजिश
Delhi Blast Investigation: अयोध्या से काशी तक था आतंकियों का ब्लूप्रिंट- मंदिरों और अस्पतालों को उड़ाने की थी साजिश
Delhi Blast Investigation: अयोध्या से काशी तक था आतंकियों का ब्लूप्रिंट- मंदिरों और अस्पतालों को उड़ाने की थी साजिश। सूत्र के मुताबिक लाल किला में ब्लास्ट हड़बड़ी का नतीजा हो सकता है, क्योंकि अभी तक की जांच में विस्फोटक में टाइमर या किसी दूसरी चीजों का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
Delhi Blast Investigation: अयोध्या से काशी तक था आतंकियों का ब्लूप्रिंट- मंदिरों और अस्पतालों को उड़ाने की थी साजिश
निशाने पर थे अस्पताल
आतंकियों से पूछताछ में ये भी पता चला है कि मॉड्यूलअस्पतालों को टारगेट करना चाहता था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान हो. इनकीहिटलिस्टमें अस्पताल और भीड़ भाड़ वालेस्थानथे.
सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब क्या चुनौती?
दिल्ली में धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने 300 किलोग्राम के अमोनियम नाइट्रेट को बरामद करना है. सूत्रों की माने तो 2900 किलोग्राम विस्फोटक अब तक एजेंसियां बरामद कर चुकी हैं. लेकिन अभी भी 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद नहीं हुई है.
देश के कई हिस्सों में जो रेड चल रही है उसमे बड़ा एजेंडा ये भी है. गिरफ्तार आतंकियों तक ये विस्फोटक बांग्लादेश के रास्ते नेपाल और फिर हिंदुस्तान आया था. मतलबअभीभीखतरापूरीतरहटला नहीं हैऔरनेटवर्कसेजुड़ेकईलोगऔरहैंजिनकोपकड़नेकेलिएहरियाणा, जम्मूकश्मीर, दिल्ली, यूपीऔरगुजरातमेंदबिशदीजारहीहै.
ठाणे से हुई एक शख्स की गिरफ्तारी
उधर, महाराष्ट्र एटीएस ने दिल्ली ब्लास्ट मामले में एक युवक को हिरासत में लिया है. इब्राहिम आबदी नाम का युवक एटीएस की हिरासत में है. उसकी पत्नी ने कहा कि वो कॉलेज में प्रोफेसर रहे हैं. उन्होने 3 घंटे तक सर्च किया. कंप्यूटर का हार्डडिस्क और हमारे फोन को लेकर गए. हमारा आतंकवाद से कोई नाता नही है.